चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, कहा- 30 मई तक देना होगा दानदाताओं का ब्यौरा

 Edited By: Deepak Dilliwar

Published on 12 Apr 2019 04:34 PM, Updated On 12 Apr 2019 04:34 PM

नई दिल्ली: देश की राजनीतिक दलों को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झटका दिया है। कोर्ट ने चुनावी बांड्स को सार्वजनिक न करने के लिए लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चुनावी बांड्स की रसीदों और दानकर्ताओं की पहचान का ब्यौरा सील बंद लिफाफे में चुनाव आयोग को सौंपे। कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को 30 मई तक यह ब्यौरा निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश जारी किया है। यह निर्देश प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने दिया।

Read More: बीजेपी संगठन मंत्री सौदान सिंह का छत्तीसगढ़ दौरा ,पार्टी कार्यकर्ताओं को बिखराव व अंतर्कलह भूलने की दी नसीहत

कोर्ट का यह फैसला उस वक्त आया है जिसमें राजनीतिक बांड की वैधता को चुनौती देनेवाली याचिका की सुनावाई की जा रही थी। जो किसी अनाम चंदे की इजाजत देता है। इससे पहले, गुरूवार को केन्द्र ने कहा कि था मतदाताओं को दानकर्ताओं की पहचान जानने की जरूरत नहीं है।

Read More: नहीं रहे अपने हास्य व्यंग से लोगों को गुदगुदाने वाले कवि प्रदीप चौबे

उच्चतम न्यायालय ने कहा, अगले आदेश तक चुनाव आयोग भी चुनावी बांड्स से एकत्रित की गई धनराशि का ब्यौरा सील बंद लिफाफे में ही रखे। कोर्ट कानून में किए गए बदलावों का विस्तार से परीक्षण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि संतुलन किसी दल के पक्ष में न झुका हो।

Web Title : Supreme Court Order to Political parties No stay on electoral bonds

जरूर देखिये