दुधमुंही बच्ची के साथ ऑफिस पहुंची महिला सिपाही को किया सस्पेंड, वूमेन पॉवर लाइन में छुट्टी मिलना हुआ जंग जीतने के बराबर

 Edited By: Rupesh Sahu

Published on 09 Jul 2019 05:52 PM, Updated On 09 Jul 2019 05:52 PM

लखनऊ । उत्तरप्रदेश पुलिस में महिला सिपाही को अपनी दुधमुंही बच्ची को ड्यूटी पर लाने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित महिला सिपाही वूमेन पॉवर लाइन '1090' में कार्यरत है। महिला अधिकारों की रक्षा का दावा करने वाली पुलिस की इस वूमेन पॉवर लाइन '1090' यूनिट में दुधमुंही बच्ची के साथ ड्यूटी पर आने के चलते महिला सिपाही को निलंबित कर दिया गया। सिपाही ने अब डीजीपी कार्यालय में गुहार लगाई है। डीजीपी ने उसे अपने कार्यालय में अटैच करने के संबंध में जांच शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें- कैबिनेट मंत्री की मांग, सिंधिया को नहीं प्रियंका गांधी को बनाया जाए...

तकरीबन डेढ़ माह पहले छुट्टी न मिलने पर सिपाही सुचिता सिंह अपनी दुधमुंही बच्ची को लेकर 1090 कार्यालय में सेवा पर पहुंचीं थी। इसी वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया। पीड़ित महिला सिपाही की शिकायत पर डीजीपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं 1090 सेवा में तैनात एक अन्य महिला सिपाही ने भी खुद के साथ किए जा रहे उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। सिपाही शानू पाल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है कि जरूरत पर उसने गिड़गिड़ाकर अफसरों से छुट्टी मांगी तो फटकार लगाकर उसे भगा दिया गया। 1090 में महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप तब सामने आए हैं जब यहां की मुखिया एडीजी महिला ही हैं।

ये भी पढ़ें- 64 तहसीलदारों के तबादले, राजस्व विभाग ने जारी किया आदेश, देखिए लिस्ट

बता दें किपूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने 1090 में बच्चों के लिए क्रेच बनवाया था, यहां काम करने वाली महिलाएं बच्चों को क्रेच में छोड़कर आसानी से काम कर सकती थीं। मौजूदा डीजीपी भी क्रेच बनवाने के पक्ष में हैं, लेकिन 1090 के क्रेच को बंद करके बच्चों के सामान को कबाड़ में फेंक दिया गया है।

ये भी पढ़ें- पुलिस के पैरों तले खिसक गई जमीन, जब युवक ने किया खुद की मौत का खुला...

1090 की एडीजी अंजू गुप्ता के मुताबिक, महिला सिपाही सुचिता सिंह अपनी बच्ची को लेकर कार्यालय आईं थी, इसीलिए उन्हें निलंबित किया गया है। ये हमारा नियम है। अंजू गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मैं क्रेच नहीं रखना चाहती, इसीलिए बंद किया है। इसका कोई भी महिला पुलिसकर्मी खर्चा ही नहीं देना चाहतीं और न ही बच्चों को रखना चाहती है। शानू पाल ने आइजीआरएस पर क्यों शिकायत की है, इसकी जांच की जाएगी। अन्य अधिकारी मेडिकल लीव पर छुट्टी पर गए हैं। उत्पीड़न संबंधी सारे आरोप गलत हैं।

Web Title : Suspend to lady Police who reached the office with a baby girl

जरूर देखिये