बिना प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की नौकरी खतरे में, डीएलएड की पात्रता जरूरी

 Edited By: Abhishek Mishra

Published on 01 Feb 2019 11:08 AM, Updated On 01 Feb 2019 11:08 AM

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2019 से अब बिना प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को नौकरी से वंचित होना पड़ेगा। 10 सालों से अल्टीमेटम का दौर अब जल्दी खत्म होने वाला है। शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत शिक्षकों को डीएलएड की पात्रता जरूरी है।

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नए शैक्षणिक सत्र से यहां एक भी स्कूल ऐसा नहीं रहेगा, जहां पढ़ाने वाला शिक्षक डीएलएड की पात्रता न रखता हो। सरकार की ओर से पहले ही ये अल्टीमेटम दिया गया है कि अगर कोई शिक्षक प्रशिक्षण से वंचित रहेगा तो सत्र 2019 में उसे नौकरी से वंचित होना पड़ सकता है।

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आपको बता दें कि निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 2009 के तरह स्कूलों में शिक्षा नींव मजबूत करने शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। अब मार्च में होने वाली परीक्षा में उतरिण शिक्षक ही आगामी वर्ष में कार्य कर सकेंगे। हालांकि कोरबा जिले में 26 केंद्रों के माध्यम से 2500 शिक्षक डीएलएड का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

Web Title : Teachers need DLAID eligibility

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