चुनाव की तारीख को लेकर टीएमसी नेता का आरोप, सरकार नहीं चाहती कि अल्पसंख्यक वोट दें

 Edited By: Renu Nandi

Published on 11 Mar 2019 12:17 PM, Updated On 11 Mar 2019 12:28 PM

कोलकाता। 2019 लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही लोगो का आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। इसी के चलते टीएमसी नेता फरहाद हकीम सरकार पर आरोप लगाया है कि वह नहीं चाहती कि अल्पसंख्यक अपने वोट का प्रयोग करें। इसलिए जानबूझकर ऐसी डेट निकाले है जिसमें ज्यादातर लोग रोज़े के दौरान अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।

ज्ञात हो कि कोलकाता के मेयर और टीएमसी नेता फरहाद हकीम ने कहा कि बिहार, यूपी और बंगाल में सात चरण में चुनाव होने हैं और इन तीनों राज्यों में अल्पसंख्यक आबादी बहुत ज्यादा है। और जो भी तारीख निकाली गई है वो रमजान के दौरान की है। ऐसे में ज्यादातर मुसलमान अपने वोट का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
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फरहाद हकीम ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी नहीं चाहती कि अल्पसंख्यक अपना वोट करें।उनका कहना है कि रमजान का पवित्र महीना 5 मई से शुरू हो रहा है। यानी 6, 12 और 19 मई को होने वाली आखिरी तीन चरणों की वोटिंग रमजान के दौरान होगी. चूंकि रमजान के दौरान मुस्लिम समाज के लोग सुबह सवेरे से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं, ऐसे में ये सवाल उठाए जाने लगे हैं कि रोजे और भीषण गर्मी के दौरान मुस्लिम मतदाता घंटों तक लाइन में लगकर कैसे वोटिंग में हिस्सा ले पाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो इन राज्यों के मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग का प्रतिशत कम होगा।

Web Title : TMC leader questions 7-phase Lok Sabha election schedule for West Bengal