देखिए रायपुर ग्रामीण विधानसभा के विधायकजी का रिपोर्ट कार्ड

Reported By: Shahnawaz Sadique, Edited By: Shahnawaz Sadique

Published on 22 Oct 2018 02:26 PM, Updated On 22 Oct 2018 02:26 PM

रायपुर। महासमर 2018 जैसे जैसे नजदीक आ रहा है सियासत की बिसात पर हलचल भी तेज होती जा रही है। नई नई चालें चलीं जा रही हैं। दुश्मन को घेरने के लिए तमाम पैंतरेबाजी चल रही है और सियासत के इसी गहमा गहमी के बीच हम मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधायक जी का पूरा रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहे हैं आज बारी है छत्तीसगढ़ के रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट की आज हम यहां के विधायक का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे।

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रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट का गठन साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद हुआ । इस विधानसभा का फैलाव रायपुर शहर के चारों ओर है । रायपुर ग्रामीण विधानसभा रायपुर शहर के उत्तर, दक्षिण और पश्चिम क्षेत्र समेत अभनपुर और धरसींवा इलाके में भी है । रायपुर ग्रामीण विधानसभा में बेरोजगारी नहीं के बराबर है । इस विधानसभा सीट के अंर्तगत उरला, उरकुरा और गोगांव जैसे दर्जनों औद्योगिक परिक्षेत्र हैं, जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। 

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रायपुर ग्रामीण विधानसभा को मंदिरहसौद सीट की 4 ग्राम पंचायतों, माना नगर पंचायत, रायपुर नगर निगम के दस वार्ड, बीरगांव नगर निगम और रायपुर शहर से जुड़े एक दर्जन गांवों मिलाकर बनाया गया था । इस विधानसभा सीट में मतदाताओं की संख्या 3 लाख तक पहुंच गई है। परिसीमन के बाद पहला विधानसभा चुनाव साल 2008 में हुआ। तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि कांग्रेस से 5 बार विधायक रहे चुके सत्यनारायण शर्मा भाजपा प्रत्याशी नंदे साहू से हार जाएंगे। 2900 वोटों से हार के बाद सत्यनारायण शर्मा ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता से अपना रिश्ता बनाए रखा और 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नंदे साहू को 1882 वोटों से हरा दिया । इस बार रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक सत्यनारायण शर्मा और भाजपा के पूर्व विधायक नंदे साहू दोनों अपनी जीत के लिए कड़ा पसीना बहा रहे हैं । 

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रायपुर ग्रामीण विधानसभा में मुद्दों की कोई कमी नहीं है। यहां की जनता को आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। नाली की नियमित सफाई नहीं होने से लोग मलेरिया से बीमार हो रहे है।पीने का साफ पानी नहीं मिलने से लोगों को पीलिया हो रहा है। वही सड़कें नहीं बनने से लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे है। इतना ही नहीं महिलाएं शराबियों से परेशान है। 

ये निर्माणाधीन सड़क किसी गांव की नहीं बल्कि नगर निगम बीरगांव की है। इसका निर्माण पिछले छह महीने से हो रहा है। चौड़ीकरण के लिए कुछ लोगों की जमीन भी ली गई है। जिन्हें आज तक मुआवजा भी नहीं मिला । इस सड़क पर साप्ताहिक बाजार के दिन तो पैर रखने की भी जगह नहीं होती वहीं हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कुछ ऐसा ही नजारा माना कैंप का भी है, जहां की सड़क महीनों बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। ज़ाहिर है। इस लेटलतीफी के चलते लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा भड़क रहा है ।

रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ये कांपा इलाका है। जहां कुछ महीने पहले ही गंदा पानी औऱ नाली की सफाई नहीं होने के कारण कई लोग पीलिया के शिकार हुए। कुछ लोगों की मौत भी हुई। स्थानीय लोग बताते है कि यहां बड़ी घटना होने के बावजूद आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बमुश्किल हफ्ते भर बाद नालियों की सफाई होती है। इसके कारण मच्छरों की भरमार हो गई है । रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के अंर्तगत आने वाली माना बस्ती की तस्वीर है ये। यहां की महिलाएं शराबियों से परेशान हैं। इन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर पुलिस तक सबसे शिकायतें की पर शराबियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां की महिलाएं दोहरी मार झेल रही हैं। एक तरफ़ शराबियों का हो-हल्ला तो दूसरी ओर पेयजल के लिए मार-कुटाई । अरसे से यहां के लोगों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है । 

रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट की इन तस्वीरों ने इस बात को उजागर कर दिया है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी यहां के रहवासी तरस रहे हैं । इस सच्चाई के बावजूद हमेशा की तरह कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक दूसरे पर दोष मढ़ने में जुट गए हैं। पर रायपुर ग्रामीण विधानसभा की बदहाली ये कह रही है कि। चिराग़ तले अंधेरा अब भी कायम है । विधानसभा चुनाव की उल्टी-गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में बीजेपी से प्रत्याशी बनने के लिए कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे है। जबकि कांग्रेस से केवल सिंगल नाम वर्तमान विधायक सत्यनारायण शर्मा का है। बीजेपी जहां वर्तमान कांग्रेस विधायक से 5 साल का हिसाब मांग रही है तो वही कांग्रेस विधायक राज्य सरकार पर फंड नहीं देने की बात कह रहे हैं। 

चुनाव सामने है तो खुलकर आरोप-प्रत्यारोप लगने लगे हैं । भाजपा के नेता कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा पर हमला बोल रहे हैं । पूर्व विधायक नंदे साहू का सीधा आरोप है कि कांग्रेस विधायक ने 5 साल में कोई काम नहीं किया और वो 5 साल तक जनता के बीच भी नहीं पहुंचे। नंदे साहू ने अपनी हार का कारण फर्जी वोटिंग को भी बताया । दूसरी ओर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केदार गुप्ता कहते है कि कांग्रेस विधायक ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। इससे क्षेत्र की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । बीरगांव नगर निगम की महापौर अंबिका यदु का कहना है कि विधायक सत्यनारायण शर्मा कोई काम नहीं किया जबकि भाजपा के विकास कार्य में फीता काटने पहुंच जाते हैं । इन तमाम आरोपों पर कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने अपनी सफाई में क्या कहा आइए सुन लेते हैं । 

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इस बार रायपुर ग्रामीण विधानसभा से भाजपा के अंदर आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आए हैं। उसमें सबसे ऊपर पूर्व विधायक नंदे साहू का नाम है। उनके आलावा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केदार गुप्ता,बीरगांव नगर निगम महापौर अंबिका यदु, आरडीए चेयरमैन संजय श्रीवास्तव औऱ भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल के नाम प्रमुखता से आ रहे है। वही कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा का कहना है कि भाजपा का कोई भी प्रत्याशी हो उन्हें जनता हराएगी। रायपुर ग्रामीण जैसे बेहद बिखरे हुए और जटिल भौगोलिक ढांचे वाले विधानसभा क्षेत्र को साध पाना आसान नहीं है। ऐसे में ये है कि इस बार भी जो उम्मीदवार अलग-अलग इलाकों के वोटर्स की ज़रूरतों को समझ पाएगा। उसे ही कामयाबी मिलेगी ।

 

वेब डेस्क, IBC24

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