बस्तर दशहरा में आकर्षण का केंद्र है वजनी लकड़ी से बना विशाल रथ

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 05 Oct 2016 09:03 PM, Updated On 05 Oct 2016 09:03 PM

जगदलपुर। बस्तर दशहरे में फूलरथ परिक्रमा शुरू हो चुकी है, कई टन वजनी लकड़ी से बना यह विशाल रथ दशहरे का प्रमुख आकर्षण है, परम्परागत तरीके से 600 से भी अधिक सालों से यह रथ बनाया जा रहा हैं, इसे बनाने से लेकर खींचने तक सामाजिक जिम्मेदारी रियासत काल से बंधी हुई है, नवरात्र के दूसरे दिन से  सप्तमी तक तक रथ चलाया जाता हैं, इस विशाल रथ को खींचने की जिम्मेदारी कोड़ेनार और किलेपाल के माड़िया समुदाय की होती है । लेकिन 6 दिनों में कुल 32 गांव के लोग रथ खींचने आते है।

मान्यता है, कि रथारूढ़ होकर देवी अपने क्षेत्र की परिक्रमा करती हैं, लोगो से मिलती है। जिससे इलाके में समृद्धि होता है, हर साल 8 और 12 चक्के के लकड़ियों के रथ इस पर्व के लिए बनाये जाते है। इस रथ को फूलरथ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि रथ को खास तौर पर फूलों से सजाया जाता है।

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