मध्यप्रदेश के माथे लगा कुपोषण का कलंक, बच्चों की मौत के बाद कांग्रेस उग्र

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 31 May 2018 03:23 PM, Updated On 31 May 2018 03:23 PM

भोपाल। मध्यप्रदेश में कुपोषण का कलंक मिटने का नाम नहीं ले रहा है। ग्वालियर में कुपोषण से 2 बच्चों की मौत हो गई। वहीं कांग्रेस ने कुपोषण के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

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भले ही केंद्र और राज्य सरकार कुपोषण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो। लेकिन कुपोषण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। दो दिन पहले ग्वालियर के मल्लगढ़ में 2 बच्चों की कुपोषण से मौत हो गई..और काफी सारे बच्चे कुपोषण से पीड़ित मिले। आनन फानन में पीड़ित बच्चों को ग्वालियर के कुपोषण केंद्र में भर्ती कराया गया..जहां मूलभूत सुवधिाएं तक नहीं मिल रही है।

अब जरा आंकड़ों पर गौर करें- 

महिला बाल विकास के आंकड़ें

ग्वालियर जिले में 1458 आंगनबाड़ी 

जिनमें 1 लाख 38 हजार 612 बच्चे हैं

हर दिन 3 लाख 37 हजार रुपए से अधिक का पोषण आहार आता है

पोषण आहार में अनियमितताओं की 1 साल में मिली 20 से अधिक शिकायतें 

आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए राशि दी जाती है इससे जुड़ी शिकायतें भी की जाती है लेकिन जिस स्तर पर गड़बड़ी होती है। उसकी जांच नहीं की जाती है..इस मामले को लेकर ग्वालियर विधानसभा से पूर्व विधायक प्रद्युमन सिंह का कहना है कि कुपोषण को लेकर स्वास्थ्य महकमे और सरकार को जानकारी दी गई लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने रुचि नहीं दिखाई..और कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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चुनाव नजदीक है..कांग्रेस कुपोषण को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश जरुर करेगी। वहीं बीजेपी कहीं कोई चूक नहीं रखना चाहती। ऐसे में अब देखना होगा कि शिवराज सरकार और स्वास्थ्य महकमा कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए क्या कदम उठाता है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24

 

Web Title : Malnutrition in Madhya Pradesh:

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