बाला साहेब ठाकरे भी निशाने पर थे लश्कर के: हेडली

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 12 Feb 2016 12:55 PM, Updated On 12 Feb 2016 12:55 PM

शिकागो जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 26/11 हमलों पर गवाही दे रहे डेविड हेडली को शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जब आतंकी कसाब की तस्वीर दिखाई गई तो वह एक पल के लिए खामोश रह गया. उसके बाद हेडली ने कहा, 'अल्लाह उस पर रहम करे.मुंबई में हुए आतंकी हमलों में कसाब एक मात्र जिंदा आतंकी पकड़ा गया था. उसे साल 2012 में फांसी पर लटकाया गया था. हेडली ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि लश्कर-ए-तैयबा शिवसेना भवन को भी निशाना बनाने की योजना बना रहा था. लश्कर ने शिवसेना मुख्यालय की रेकी करने को कहा था. वह बाला साहब ठाकरे की हत्या करवाना चाहता था. हेडली ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हमले के लिए आतंकियों को हिंदू बनाकर भेजने की तैयारी थी. इसके लिए उसने बाकायदा हाथ में बांधने के लिए पीले रंग का कलावा भी खरीदा था. उसने कहा, 'मैंने जब कलावा साजिद मीर को दिखाया तो वह बेहद खुश हुआ और उसने मेरे काम की सराहना भी की. बाद में मुझे यह भी बताया गया था मुंबई हमले के दौरान हमलावरों ने वो कलावा पहन रखा था.' हेडली ने बताया कि रेकी के दौरान वह मेजर इकबाल के कहने पर भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) भी गया था. वहां जाकर उसने वीडियो बनाए और उन्हें मेजर इकबाल को सौंपा था. मेजर इकबाल ने उसे BARC में एक अपना एजेंट रिक्रूट कराने के लिए कहा था ताकि वो वहां से सूचनाएं दे सके.वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दे रहे हेडली ने बताया कि आतंकी हमले की साजिश के दौरान मुंबई एयरपोर्ट को टारगेट में शामिल न किए जाने पर मेजर इकबाल ने आपत्ति जताई थी.उसने कहा, मुंबई एयरपोर्ट और दूसरी लोकेशन को मैंने जीपीएस प्वाइंट्स के जरिए अपने सैटेलाइट फोन में नोट किया था जिसे लश्कर के ऑपरेटर साजिद मीर ने बाद में अपने लैपटॉप में डाउनलोड कर लिया था, ताकि सभी टारगेट की दूरियों की सही जानकारी रहे.स्पेशल कोर्ट ने हेडली से अमेरिकी कोर्ट में हुई सुनवाई के दस्तावेज न देखकर, याददाश्त के आधार पर जानकारी देने को कहा. कोर्ट ने हेडली से कहा कि वह याददाश्त के आधार पर बयान दे, जहां परेशानी होगी उसे अमेरिकी कोर्ट के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इसके जवाब में हेडली ने कहा कि मामला बहुत लंबा ना खिंचे इसके लिए उसे सब कुछ सही से बताना होगा. घटनाएं 8 से 10 साल पुरानी हैं ऐसे में याददाश्त के सहारे जवाब देना मुश्किल है.

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