अपनी बल्लेबाजी कौशल पर भरोसा था कि बड़े मैच में योगदान दे सकता हूं: सूर्यवंशी
अपनी बल्लेबाजी कौशल पर भरोसा था कि बड़े मैच में योगदान दे सकता हूं: सूर्यवंशी
हरारे, छह फरवरी (भाषा) भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को यहां कहा कि उन्हें अपनी बल्लेबाजी कौशल पर पूरा भरोसा था और उन्होंने फाइनल में अपना स्वाभाविक खेल दिखाया।
चौदह वर्षीय सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेलते हुए महज 80 गेंद में 175 रन बनाए जिसमें 15 छक्के और इतने ही चौके शामिल थे। भारत ने फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 411 रन बनाए और फिर इंग्लैंड को 311 रन पर समेटकर 100 रन से मुकाबला जीत लिया।
‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए सूर्यवंशी ने कहा कि टीम ने फाइनल में अनावश्यक दबाव नहीं लेने का फैसला किया था और यही सोच ट्रॉफी जीतने में काफी मददगार साबित हुई।
सूर्यवंशी ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मुझे अपने कौशल पर भरोसा था कि मैं बड़े मुकाबलों में योगदान दे सकता हूं और आज यह हो गया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम ज्यादा दबाव नहीं ले रहे थे। हमने बस यह सोचा कि पूरे टूर्नामेंट में हमने किस तरह अच्छा प्रदर्शन किया है, हम बस उसी प्रक्रिया का अनुकरण करेंगे और अपना स्वाभाविक खेल खेलेंगे। ’’
टूर्नामेंट की तैयारियों पर पूछे जाने पर सूर्यवंशी ने कहा, ‘‘तैयारी सिर्फ एशिया कप के दौरान ही नहीं (जो भारत पिछले साल दुबई में पाकिस्तान से हारा था) थी बल्कि पिछले 8–9 महीनों से अच्छी रही है। बस खिलाड़ी ही जानते हैं कि उस दौरान हमने कितनी मेहनत की है। ’’
भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने कहा कि अंडर-19 टीम रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर जैसे खिलाड़ियों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहती थी। रोहित ने 2024 में भारत को टी20 विश्व कप दिलाया था जबकि हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने पिछले साल अपना पहला विश्व कप जीता था।
म्हात्रे ने कहा, ‘‘मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां नहीं कर सकता, लेकिन यह हमारे लिए एक यादगार रात है। लड़कों ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने जो लक्ष्य तय किए थे, उन्हें उन्होंने बेहतरीन तरीके से पूरा किया। उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेला, जिससे मैं बहुत खुश हूं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘रोहित शर्मा ने विश्व कप जीता, हरमनप्रीत (कौर) ने भी, और अब हमने भी जीत लिया है। हम बस इस विरासत को आगे बढ़ाना चाहते थे। ’’
म्हात्रे ने कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ के लिए शब्द नहीं हैं जिस तरह उन्होंने पिछले कई महीनों में मेहनत की है। इसी तरह हमारा समर्थन करते रहिए, हम आपको ट्रॉफियां दिलाते रहेंगे। ’’
म्हात्रे ने सूर्यवंशी की शानदार पारी पर कहा कि इस युवा की जादुई विस्फोटक बल्लेबाजी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास उनकी पारी के लिए शब्द नहीं हैं। हमें पता था कि वह शानदार बल्लेबाज हैं और उन्होंने इस मैच में दिखा दिया कि वह क्या कर सकते हैं। ”
विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने पूरे टूर्नामेंट में भरोसेमंद खिलाड़ी की भूमिका निभाई और फाइनल में 40 रन बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी हमें दबाव महसूस हुआ, लेकिन हमने संयम बनाए रखा और खुद पर और गेंदबाजों पर भरोसा किया जिन्होंने शानदार गेंदबाजी की। हमने छठा खिताब जीता है और अब हम इसका जश्न मनाएंगे। ’’
कुंडू ने कहा, ‘‘पिछले दो साल में हमने कड़ी मेहनत की है। पिछली बार हम ऑस्ट्रेलिया से हार गए थे तो अब हमने बदला ले लिया है और अब हम गत चैंपियन बनेंगे। सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेला। ’’
भारत अंडर-19 टीम के मुख्य कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर ऋषिकेश कानिटकर ने कहा कि यह अविश्वसनीय अहसास है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक शानदार अहसास है। मैं पहले भी यहां रह चुका हूं, लेकिन इन लड़कों के लिए यह बेहद खास होने वाला है। इंग्लैंड की टीम ने जिस तरह का संघर्ष दिखाया, उसके बाद यह जीत वाकई शानदार है। हमें खिलाड़ियों के विकास को देखकर खुशी हो रही है। ’’
इंग्लैंड के कप्तान थॉमस रियू ने माना कि इतनी करीब आकर ट्रॉफी से चूक जाना दर्दनाक है। उन्होंने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी ने उनकी टीम की योजनाओं को नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब वैभव जैसा खिलाड़ी चल पड़ता है तो मुकाबला हमेशा मुश्किल हो जाता है। हम थोड़े परेशान हो गए थे। हमने अपनी तैयारी की थी और बदलावों के साथ गेंदबाजी करने की कोशिश की जो पहले भारत के खिलाफ कारगर रहा था, लेकिन आज वैभव का दिन था। ’’
भाषा नमिता मोना
मोना

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