ड्रेसेज टीम चयन विवाद: दो घुड़सवारों की याचिकाओं पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

ड्रेसेज टीम चयन विवाद: दो घुड़सवारों की याचिकाओं पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

ड्रेसेज टीम चयन विवाद: दो घुड़सवारों की याचिकाओं पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा
Modified Date: July 3, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: July 3, 2026 7:39 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने घुड़सवार अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला की एशियाई खेलों की ड्रेसेज टीम से बाहर किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने दोनों खिलाड़ियों की उस अपील पर विस्तृत सुनवाई की, जिसमें उन्होंने 29 जून के एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी थी।

एकल न्यायाधीश ने इससे पहले चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था क्योंकि भारतीय घड़सवारी महासंघ (ईएफआई) ने चयनित खिलाड़ियों की रैंकिंग का मूल्यांकन करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ नियुक्त करने के प्रस्ताव से सहमति नहीं जताई थी।

ईएफआई का संचालन कर रही तदर्थ समिति की ओर से अदालत को बताया गया कि एशियाई खेलों के लिए सर्वश्रेष्ठ घुड़सवारों का चयन किया जा चुका है और ये अपील वास्तविक खिलाड़ियों द्वारा किया गया निष्पक्ष प्रयास नहीं हैं।

समिति के वकील ने यह भी तर्क दिया कि जब एकल न्यायाधीश चयन प्रक्रिया को वैध ठहरा चुके हैं, तब केंद्र सरकार उस निर्णय की पुनः समीक्षा नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ की नियुक्ति राष्ट्रीय खेल महासंघ के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप होगी, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस पर अदालत ने कहा कि अगर स्वतंत्र मूल्यांकन का आदेश दिया जाता है तो यह प्रक्रिया भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के सहयोग से कराई जाएगी तथा ईएफआई के एक प्रतिनिधि को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि वह ईएफआई की चयन प्रक्रिया की गुणवत्ता पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी।

ईएफआई के वकील ने हालांकि मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘पहले से तय परिणाम’ के तहत अपीलकर्ताओं में से एक का समर्थन कर रही है। दूसरी ओर अनुष और सुदीप्ति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पहले ही केंद्र सरकार के सुझाव पर सहमति जता दी थी।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा, ‘दलीलें सुन ली गई हैं। फैसला सुरक्षित रखा जाता है।’

यह विवाद भारत की ड्रेसेज टीम के चयन से जुड़ा है जो 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भाग लेगी।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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