जितना संभव हो प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करता हूं: गायकवाड |

जितना संभव हो प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करता हूं: गायकवाड

जितना संभव हो प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करता हूं: गायकवाड

: , December 2, 2022 / 07:38 PM IST

अहमदाबाद, दो दिसंबर (भाषा) बेहतरीन फॉर्म में चल रहे महाराष्ट्र के कप्तान रुतुराज गायकवाड ने शुक्रवार को कहा कि वह जितना संभव हो अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करते हैं और अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने पर ध्यान देते हैं।

गायकवाड ने विजय हजारे ट्रॉफी में पांच पारियों में चार शतक लगाए जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल है। उन्होंने कुल 660 रन बनाए।

सौराष्ट्र की फाइनल में महाराष्ट्र पर पांच विकेट की जीत के बाद प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए गायकवाड ने कहा,‘‘ मैं केवल अपने खेल का आनंद लेने का प्रयास कर रहा हूं। मैं वर्तमान में जीता हूं और अच्छे शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने पर ध्यान देता हूं। मैं जितना संभव हो अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश करता हूं।’’

गायकवाड सत्र के दौरान चोटिल हो गए थे और महाराष्ट्र के सभी मैचों में नहीं खेल पाए थे।

उन्होंने कहा,‘‘ मेरे लिए चोट से उबर कर वापसी करना महत्वपूर्ण था। टीम का वरिष्ठ और अनुभवी खिलाड़ी होने के कारण मुझे आगे बढ़कर नेतृत्व करना था।’’

गायकवाड ने फाइनल में 108 रन बनाए लेकिन इसके बावजूद महाराष्ट्र नौ विकेट पर 248 रन ही बना पाया। सौराष्ट्र ने 46.3 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

उन्होंने कहा,‘‘ जिस तरह से उनकी गेंदबाजी है और जिस लाइन और लेंथ पर वह गेंदबाजी कर रहे थे वह चुनौतीपूर्ण था लेकिन मैंने इसका आनंद लिया। मैंने यह सुनिश्चित किया कि मैं शांतचित बना रहा हूं।’’

सौराष्ट्र ने जयदेव उनादकट की कप्तानी में यह दूसरा टूर्नामेंट जीता। इससे पहले उसने 2020 में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब हासिल किया था। उनादकट ने इसे अविश्वसनीय एहसास करार दिया।

सौराष्ट्र के दूसरी बार विजय हजारे ट्रॉफी जीतने के बाद उनादकट ने कहा,‘‘ अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि हम चैंपियन हैं। जब आप एक खिताब हासिल करते हैं तो अच्छा लगता है लेकिन दूसरी बार खिताब जीतने का मतलब है कि आपकी टीम चैंपियन है।’’

उनादकट ने हैट्रिक बनाने वाले चिराग जानी और 133 रन की नाबाद पारी खेलने वाले शेल्डन जैकसन की भी प्रशंसा की। जैकसन ने पिछली चार पारियों में केवल 40 रन बनाए थे लेकिन उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फाइनल में किया।

जैकसन ने कहा,‘‘ पूरी टीम और प्रबंधन को श्रेय जाता है जिन्होंने मेरा समर्थन किया क्योंकि मैं पूरे टूर्नामेंट में असफल रहा था और यहां तक की आज मौका मिलने का भी हकदार नहीं था। इसलिए श्रेय उन्हें जाता है जिन्होंने मेरा समर्थन किया।’’

भाषा पंत आनन्द

आनन्द

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)