भारतीय खेल जगत ने रणधीर सिंह के निधन पर शोक जताया

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भारतीय खेल जगत ने रणधीर सिंह के निधन पर शोक जताया

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 03:28 PM IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा समेत समूचे भारतीय खेल जगत ने वरिष्ठ प्रशासक और पूर्व निशानेबाज रणधीर सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें भारतीय खेलों का करिश्माई नेता और असल धुरंधर बताया है ।

एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी में पहला स्वर्ण दिलाने वाले रणधीर सिंह का बुधवार को उम्र संबंधी लंबी बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया ।

बिंद्रा ने एक्स पर लिखा ,‘‘ राजा रणधीर सिंहजी के निधन से दुखी हूं । एक ओलंपियन, एक खेल प्रशासक और भारतीय तथा विश्व खेलों में अपार योगदान देने वाले शख्स के रूप में उनका जीवन खेलों को समर्पित था ।’’

उन्होंने लिखा ,‘‘ हमारे खेलों के इतिहास में उनकी विरासत अहम रहेगी । उनके परिवार को प्रियजनों को मेरी सांत्वना ।’

रणधीर सिंह ने बैंकॉक एशियाई खेल 1978 में ट्रैप निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीता था । इसके अलावा वह पांच बार ओलंपिक खेल चुके हैं ।

एशियाई ओलंपिक परिषद ने लिखा, ‘‘ओलंपिक आंदोलन के दिग्गज राजा रणधीर का जीवन खेलों की सेवा और एशिया में ओलंपिक मूल्यों के प्रसार को समर्पित रहा। एशियाई ओलंपिक परिषद उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और पूरे ओलंपिक परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे ।’’

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा ,‘‘ श्री राजा रणधीर सिंह जी के निधन से काफी दुखी हूं । एक प्रिय मित्र और असाधारण व्यक्ति जिन्होंने भारत को एशिया और विश्व में खेलों में नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया । हमने एक असाधारण नेता और उसकी अपूरणीय बुद्धिमत्ता को खो दिया है ।’’

भारतीय साइकिलिंग महासंघ के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने कहा ,‘‘अत्यंत गहरे दुख के साथ हम राजा रणधीर सिंह को विदाई देते हैं । एक अत्यंत कुशल प्रशासक, असाधारण मानवीय गुणों से संपन्न व्यक्ति और सबसे बढ़कर, एक महान एवं प्रिय मित्र। आज उनका निधन खेल जगत में एक युग के अंत का प्रतीक है ..न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में।’’

आईओए के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा ,‘‘राजा रणधीर सिंह जी के निधन से भारतीय खेल जगत ने एक सच्चे दिग्गज और अपने सबसे सम्मानित नेताओं में से एक को खो दिया है। ओलंपिक आंदोलन और भारत में खेलों के विकास के प्रति उनके आजीवन समर्पण ने उन्हें पूरे खेल जगत में प्रशंसा और सम्मान दिलाया।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ उन्होंने हमेशा गरिमा, बुद्धिमत्ता और प्रतिबद्धता के साथ अपना आचरण किया और एथलीटों तथा खेल प्रशासन में उनके योगदान को हमेशा कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।’’

भारतीय तैराकी महासंघ के सीईओ और एक अन्य अनुभवी खेल प्रशासक वीरेंद्र नानावटी ने कहा कि सिंह एक महान मानवतावादी थे।

उन्होंने कहा ,‘‘राजा रणधीर सिंह जी के निधन की खबर बहुत दुखद और स्तब्ध करने वाली है । वे एक ओलंपियन, सक्षम खेल प्रशासक, महान मानवतावादी, अद्भुत खेल हस्ती और एक महान मित्र थे।’’

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के उपाध्यक्ष राजेश भंडारी, भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व महासचिव ललित भनोट और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के पूर्व अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने भी सिंह के निधन पर शोक जताया है।

भंडारी ने कहा ,‘‘ खेल जगत ने एक दूरदर्शी नेता और मार्गदर्शक खो दिया है ।’’

भनोट ने कहा ,‘‘ रणधीर जी महान खेल प्रशासक थे । वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी लोकप्रिय थे । हम 1983 में दिल्ली एथलेटिक्स के अध्यक्ष और सचिव के तौर पर खेल प्रशासन में साथ आये थे ।’

सुमरिवाला ने कहा ,‘‘ उनसे जुड़ी कई अच्छी यादें हैं । हम मॉस्को ओलंपिक 1980 में टीम में साथ थे । वह एक खिलाड़ी और खेल प्रशासक के तौर पर बड़ी विरासत छोड़कर गए हैं ।’’

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने कहा कि सिंह का निधन सिर्फ निशानेबाजी ही नहीं बल्कि भारत में पूरे ओलंपिक खेल समुदाय के लिये अपूरणीय क्षति है ।

भाषा

मोना नमिता

नमिता