अहमदाबाद खेल प्रशासन कांक्लेव में होगा भारत की 10 साल की पदक रणनीति का अनावरण
अहमदाबाद खेल प्रशासन कांक्लेव में होगा भारत की 10 साल की पदक रणनीति का अनावरण
नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) भारत को अगले दस साल में शीर्ष पांच खेल देशों में लाने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत पदक रणनीति का अनावरण खेल मंत्रालय द्वारा अहमदाबाद में शुक्रवार को होने वाली खेल प्रशासन कांक्लेव में किया जायेगा ।
कांक्लेव में खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और राष्ट्रीय खेल महासंघों में आपसी समन्वय मजबूत बनाने पर जोर दिया जायेगा ।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया ,‘‘अगले दस साल की पदक रणनीति तैयार है जिसे प्रधानमंत्री ने देखा है और स्वीकृति भी दी है । इसका अनावरण अहमदाबाद में कांक्लेव में किया जायेगा ।’’
सूत्र ने कहा ,‘‘ आने वाले समय में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारियों की समग्र समीक्षा इस कांक्लेव में की जायेगी । राष्ट्रमंडल खेल 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी की आकांक्षा को देखते हुए यह जरूरी है कि सभी महासंघ अपनी अतिरिक्त जिम्मेदारियां समझें ।’’
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों पर केंद्रित सुधार मौजूदा खेलनीति का अहम हिस्सा है और इस सम्मेलन के जरिये सभी महासंघों का ध्यान इस ओर खींचा जायेगा ।
उन्होंने कहा ,‘‘ महासंघों को अल्पकालिन या टूर्नामेंट आधारित रणनीति की बजाय दीर्घकालिन राष्ट्रीय लक्ष्य तय करने के लिये प्रेरित किया जायेगा ।’’
अहमदाबाद को चुनने की वजह यह है कि राष्ट्रमंडल खेल 2030 इसी शहर में होने है और यह 2036 ओलंपिक की मेजबानी का दावेदार भी है ।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा ,‘‘ इस कांक्लेव के जरिये भारत के दीर्घकालिन खेल रोडमैप और प्राथमिकताओं को लेकर सभी को एक मंच पर लाने की कोशिश की जायेगी ।’
राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के लागू होने के बाद महासंघों को राष्ट्रीय नीति के अनुरूप समय आधारित प्रशासन और ढांचागत सुधार करने होंगे ।
महासंघों से अपेक्षा की जा रही है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिये वे सक्रिय भूमिका निभायें और कांक्लेव में इस पर भी प्रमुखता से चर्चा की जायेगी ।
अधिकारी ने कहा ,‘‘ भारतीय ओलंपिक संघ की आमसभा की बैठक भी कांक्लेव के साथ ही हो रही है जिससे संस्थागत सामंजस्य सुनिश्चित होगा ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ कांक्लेव में अंतरराष्ट्रीय खेल संघों में अधिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व के लिये भी महासंघों की हौसलाअफजाई की जायेगी ।’’
भाषा
मोना पंत
पंत

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