एशेज के लिए जाने का सवाल ही नहीं उठता: पीटरसन |

एशेज के लिए जाने का सवाल ही नहीं उठता: पीटरसन

एशेज के लिए जाने का सवाल ही नहीं उठता: पीटरसन

: , September 27, 2021 / 06:36 PM IST

दुबई, 27 सितंबर (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने सोमवार को कहा कि खिलाड़ी जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहकर परेशान हो चुके हैं। उन्होंने एशेज से पहले आस्ट्रेलिया में ‘बेवकूफाना पृथकवास नियमों’ को हटाने की मांग की।

आस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज श्रृंखला पिछले कुछ समय से सुर्खियों में हैं और इंग्लैंड के कई खिलाड़ी इस समय आस्ट्रेलिया में लागू कोविड-19 नियमों को लेकर आशंकाएं जता चुके हैं।

पीटरसन ने ट्वीट किया, ‘‘मेरे इन सर्दियों में एशेज के लिए जाने का सवाल ही नहीं उठाता। शून्य संभावना। जब तक पृथकवास के बेवकूफाना नियम हटाए नहीं जाते और मेरा परिवार बिना किसी पाबंदी के यात्रा नहीं कर पाता, मैं नहीं जाऊंगा। खिलाड़ी अब जैविक रूप से सुरक्षित माहौल से परेशान हो चुके हैं।’’

पांच मैचों की एशेज टेस्ट श्रृंखला आठ दिसंबर से शुरू होनी है और यह 18 जनवरी तक चलेगी। लेकिन इस दौरे का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है क्योंकि पाबंदियों को देखते हुए इंग्लैंड के कई सीनियर खिलाड़ी बहिष्कार की संभावना पर विचार कर रहे हैं।

हाल में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एशेज के लिए इंग्लैंड के क्रिकेटरों के परिवारों की यात्रा पर प्रतिबंध का मुद्दा आस्ट्रेलिया के अपने समकक्ष स्कॉट मौरिसन के साथ वाशिंगटन डीसी की राजनयिक यात्रा के इतर उठाया था।

जॉनसन ने अमेरिका की राजधानी में कहा था, ‘‘मैंने यह मुद्दा उठाया है (मौरिसन के साथ) और उन्होंने कहा है कि वह परिवारों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह यह बात समझ गए हैं कि क्रिकेटरों के लिए क्रिसमस के दौरान अपने परिवार से दूर रहना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा है कि वह बात करेंगे बताएंगे कि क्या वह कोई हल ढूंढ सकते हैं।’’

अगले महीने शुरू होने वाला टी20 विश्व कप संयुक्त अरब अमीरात में कड़े जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में खेला जाना है और ऐसे में इंग्लैंड के सभी प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ी अगर आस्ट्रेलिया जाते हैं तो उन्हें लगभग चार महीने तक जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहना पड़ सकता है।

आस्ट्रेलिया ने साल के अंत तक सीमा और पृथकवास नियमों में ढील की योजना बनाई है। तब तक कम से कम 80 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को कोविड-19 के दो टीके लगने की उम्मीद है।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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