तोक्यो ओलंपियन मुक्केबाजों के राष्टूीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की संभावना नहीं

तोक्यो ओलंपियन मुक्केबाजों के राष्टूीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की संभावना नहीं

Edited By: , September 7, 2021 / 05:34 PM IST

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) तोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले पांच मुक्केबाजों के आगामी राष्ट्रीय पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा पेश करने की संभावना नहीं है जिससे वे अगले महीने सर्बिया में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की दौड़ से भी बाहर हो गए हैं।

अमित पंघाल (52 किग्रा), मनीष कौशिक (63 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), आशीष चौधरी (75 किग्रा) और सतीश कुमार (+91 किग्रा) ने तोक्यो खेलों में हिस्सा लिया था। इनमें से सिर्फ सतीश ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी जबकि बाकी सभी को पहले दौर में शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

इनमें से विकास, सतीश और आशीष चोटों से उबर रहे हैं और टूर्नामेंट से हट गए हैं। अमित और मनीष ने औपचारिक तौर पर कोई सूचना नहीं दी है लेकिन एक सूत्र ने कहा कि अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने के कारण वे भी टूर्नामेंट से हट सकते हैं।

इन मुक्केबाजों के एक करीबी सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है क्योंकि तोक्यो से वापस लौटने के बाद उन्हें कड़ी ट्रेनिंग करने का मौका नहीं मिला है।’’

राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन 15 सितंबर से कनार्टक के बेल्लारी में किया जाएगा।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने कहा है कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप के सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं को विश्व चैंपियनशिप की टीम में शामिल किया जाएगा। विश्व चैंपियनशिप सर्बिया के बेलग्राद में 26 अक्तूबर से होगी।

विकास ओलंपिक के दौरान कंधे में लगी चोट के कारण पहले ही टीम में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गए थे।

पिछले महीने उनका आपरेशन हुआ और वह नवंबर तक रिंग से दूर रहेंगे।

ओलंपिक के दौरान आंख के ऊपर लगे कट में संक्रमण के कारण सतीश भी टूर्नामेंट से हट गए हैं।

सतीश ने कहा, ‘‘संक्रमण के कारण काफी सूजन है और हाल में ही मैंने इससे उबरना शुरू किया है। मैंने हल्की ट्रेनिंग शुरू की है लेकिन यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए पर्याप्त नहीं होगी।’’

आशीष कलाई की चोट से उबर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी दोनों कलाइयों में दिक्कत है और डॉक्टरों ने फिलहाल आराम की सलाह दी है।’’

सूत्र ने कहा कि मुक्केबाजों की प्राथमिकता होती कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन विश्व चैंपियनशिप के बाद हो और विश्व चैंपियनशिप के लिए ट्रायल का आयोजन किया जाए।

भाषा सुधीर पंत

पंत