सरकार और सरकारी उपक्रम ही ले पाएंगे आदिवासियों की जमीन

Ads

सरकार और सरकारी उपक्रम ही ले पाएंगे आदिवासियों की जमीन

  •  
  • Publish Date - January 4, 2018 / 02:24 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भू-राजस्व संहिता की धारा 165 की उपधारा 6 में आदिवासियों की जमीन को सरकार की ओर से अधिग्रहित करने वाले संशोधन को लेकर राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदिवासी विकास मंत्री केदार कश्यप और महेश गागड़ा भी मौजूद रहे। प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि कांग्रेस संशोधन को लेकर आदिवासी समाज में भ्रम फैला रही है, कि इस संशोधन के बाद मंत्री या मुख्यमंत्री जमीन को खरीद सकेंगे।

ओड़िशा के कोलाब प्रोजेक्ट पर छत्तीसगढ़ को आपत्ति, बढ़ेगा जल विवाद 

इस संशोधन के मुताबिक आदिवासियों की सहमति पर सिर्फ राज्य या केंद्र सरकार ही उनकी जमीन सरकारी उपक्रम लगाने के लिए उपयोग कर सकेंगी। निजी कंपनियां या संस्थाएं किसी भी सूरत में इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी, प्रेमप्रकाश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई चुनावी मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए संशोधन को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की जेल में बंद आरोपी भोपाल से फरार ! 

वहीं, मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भू-अर्जन में कई साल लगते हैं.. इस संशोधन से काम जल्दी होगा और जमीन मालिक को तीन गुना अधिक कीमत मिलेगी। कॉन्फ्रेंस में दूसरे आदिवासी मंत्रियों की चुप्पी पर कांग्रेस ने कहा कि खुद सरकार के मंत्री इस बिल के विरोध में हैं, इसलिए पूरे समय मंत्री चुप रहे।

 

वेब डेस्क, IBC24