सरकार MSP पर कम धान खरीदना चाहती है, इसलिए बरदाने के नाम पर कर रही राजनीति- धरमलाल कौशिक

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सरकार MSP पर कम धान खरीदना चाहती है, इसलिए बरदाने के नाम पर कर रही राजनीति- धरमलाल कौशिक

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  • Publish Date - November 12, 2020 / 09:31 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:10 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक धान खरीदी के मसले पर मंत्री रविंद्र चौबे के बयान पर पलटवार किया है। कौशिक की माने तो सरकार एमएसपी पर कम धान खरीदना चाहती है, इसलिए बारदाने के नाम पर राजनीति कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि 15 साल भाजपा सरकार ने धान खरीदी की, लेकिन कभी भी केंद्र की ओर बारदाने के लिए नहं निहारा। सरकार को बारदाने की व्यवस्था पहले से करनी थी।

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गौरतलब है कि धान खरीदी को लेकर कांग्रेस की भूपेश सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी जारी है। बारदाने की कमी की वजह से धान खरीदी पर लगी रोक पर बीजेपी ने तंज कसा है । बीजेपी ने सीएम और छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री को बोरा भेजा है। इस पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने पलटवार किया था। मंत्री चौबे ने कहा कि हम BJP का बोरा प्रधानमंत्री को भेजेंगे। PM को बताएंगे BJP हमारी धान ख़रीदी से सहमत है। केंद्र एक बार फिर धान ख़रीदी की अनुमति दें।

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वहीं कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने जानकारी दी है कि केंद्र से अब तक 56 हजार गठान बोरा मिला है। धान खरीदी के लिए 4.75 लाख बोरा चाहिए हैं। राज्य सरकार 70 हज़ार बोरा खरीदी रही है। धान खरीदी में PDS के बचत बोरे का उपयोग होगा ।

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इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों की सुविधाओं को देखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी के लिए निर्धारित किसानों की पंजीयन अवधि को बढ़कर 17 नवंबर 2020 तक कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया है। सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राज्य के सभी संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों और पंजीयक, सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक अपैक्स बैंक नया रायपुर को आदेश की कॉपी भेज कर 17 नवम्बर तक किसानों का पंजीयन करने के निर्देश दिए गए हैं।