फ्लाई ऐश उत्सर्जन करने वाले उद्योगों पर एनजीटी का शिकंजा, तीन से पांच करोड़ रुपए जुर्माने के निर्देश

फ्लाई ऐश उत्सर्जन करने वाले उद्योगों पर एनजीटी का शिकंजा, तीन से पांच करोड़ रुपए जुर्माने के निर्देश

फ्लाई ऐश उत्सर्जन करने वाले उद्योगों पर एनजीटी का शिकंजा, तीन से पांच करोड़ रुपए जुर्माने के निर्देश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: December 21, 2018 11:31 am IST

रायगढ़। रायगढ़ जिले में पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए NGT ने फ्लाई ऐश का उत्सर्जन करने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसा है। NGT ने पर्यावरण संरक्षण विभाग को निर्देश जारी कर फ्लाई ऐश का उत्सर्जन करने वाले उद्योगों की ओर से इसके निष्पादन के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी मांगी है। NGT ने फ्लाई ऐश का निष्पादन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ 3 से 5 करोड़ तक का जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए हैं।

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NGT के निर्देश के बाद पर्यावरण संरक्षण विभाग ने सभी 22 उद्योगों को नोटिस जारी कर फ्लाई ऐश के बारे में जानकारी मांगी है। इन 22 उद्योगों में 19 कोल बेस्ड इंडस्ट्री हैं। नियमानुसार इन उद्योगों को 4 साल के भीतर फ्लाई ऐश का निष्पादन। रोड निर्माण, फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण और लैंड फिलिंग में करना होता है। साथ ही राखड़ बांध की व्यवस्था भी होनी जरूरी है।

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लेकिन जिले के ज्यादातर उद्योगों के पास राखड़ बांध की व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में फ्लाई ऐश खुले में डंप हो रहा है। इस साल जनवरी से नवंबर तक 59 लाख 24 हजार 433 मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का उत्सर्जन जिले में हुआ। इसमें 1 लाख 45 हजार 499 मीट्रिक टन फ्लाई ऐश ही सड़कों व ब्रिक्स निर्माण में उपयोग किया गया है। बाकी के फ्लाई ऐश का निष्पादन शेष है।

 


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