मैनपुरी में पूड़ी-सब्जी बेचने वाले की हत्या, सपा-बसपा ने सरकार पर बोला हमला

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मैनपुरी में पूड़ी-सब्जी बेचने वाले की हत्या, सपा-बसपा ने सरकार पर बोला हमला

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  • Publish Date - September 8, 2020 / 09:28 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:57 PM IST

लखनऊ, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक व्यक्ति की इस अफवाह के चलते पीट-पीटकर हत्या कर दी गई कि उसने अपनी बेटी को बेच दिया है।

घटना रविवार को हुई। कुछ लोगों ने सर्वेश कुमार दिवाकर नामक व्यक्ति की लाठी-डंडों और लोहे की छड़ से लोगों ने बुरी तरह से पिटाई कर दी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मैनपुरी पुलिस ने टि्वटर पर कहा कि उसे छह सितंबर को घटना की जानकारी मिली और घटनास्थल पर पहुंचकर वर्षीय पीड़ित को जिला अस्पताल भेजा।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे घटना से संबंधित एक वीडियो मिला है जिसे संज्ञान में लिया जा रहा है। वीडियो देखकर मारपीट में शामिल पांच आरोपियों में से चार लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। शेष अन्य की तलाश जारी है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सर्वेश पूड़ी-सब्जी का ठेला लगाता था। लॉकडाउन के कारण उसका धंधा बंद हो गया था। इसपर उसने अपनी 16 साल की बेटी को नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर भेज दिया लेकिन अफवाह फैल गई कि उसने अपनी बेटी को किसी को बेच दिया है। अफवाह फैलने के बाद कुछ लोगों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। बाद में घटना का वीडियो वायरल हो गया।

समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

सपा ने हत्या का आरोप बजरंग दल पर लगाया और कहा कि पार्टी ने मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

इसने मांग की कि सरकार मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दे।

वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ”मैनपुरी में दलित सर्वेश कुमार की दबंगों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसी प्रकार महाराजगंज में गोबिन्द चौहान, शाहजहाँपुर में राजवीर मौर्य, बरेली में वासिद, कुशीनगर में सुधीर सिंह तथा बांदा में विनोद गर्ग की गोली मारकर की गई हत्या की घटनाएं अति-दुःखद हैं।”

उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा कि नोएडा में कल ही कैब चालक की हत्या कर दी गई और ये घटनाएं कानून-व्यवस्था संबंधी सरकारी दावों की पोल खोलती हैं।

भाषा जफर अभिनव पवनेश नेत्रपाल

नेत्रपाल