छत्तीसगढ़ के 3 जिलों में भूख से हुई मौतों की खुली फाइल, केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ के 3 जिलों में भूख से हुई मौतों की खुली फाइल, केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट

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  • Publish Date - December 23, 2018 / 05:33 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

रायपुर। देश में खाद्य सुरक्षा कानून को सबसे पहले लागू करने वाले छत्तीसगढ़ के 3 जिलों में भूख से हुई मौतों को लेकर केंद्र सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बिलासपुर, सरगुजा और जशपुर जिले के कलेक्टरों को इस बारे में पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी गयी है।

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दरअसल 2015 में इन जिलों में कथित भूख से मौतों की फाइल एक बार फिर से खुल गयी है। बिलासपुर के पेंड्रा में 27 मई 2015 को मस्तूरी के रहने वाले जंगल सिंह की मौत भूख से हो गयी थी, जिनकी डेडबॉडी पहले तो पुलिस ने सामान्य औपचारिकता के बाद दफन करा दिया था, लेकिन बाद में जब मामला उजागर हुआ तो पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें भूख से मौत की बात सामने आई थी।

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इस मामले में खाद्य विभाग ने जांच कर पत्नी नाम पर राशन कार्ड होने का हवाला देते हुये भूख से मौत से इनकार कर दिया था। ऐसे ही सरगुजा में आदिवासी बच्चे और जशपुर में पहाड़ी कोरबा की मौत कथित तौर पर भूख से होने से खूब बवाल मचा था। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के संचालक भुवनेश यादव ने राइट टू फूड कैंपेन का हवाला देते हुये जानकारी मांगी है। आपको बता दें कि इसी साल सितंबर महीने में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले सात सालों में भूख से हुई मौतों का आंकड़ा मांगा था।