गाजियाबाद में नाले में गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाया
गाजियाबाद में नाले में गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाया
गाजियाबाद (उप्र), 23 जनवरी (भाषा) गाजियाबाद में 11 वर्षीय बालक अपने घर के पास खेलते समय लगभग ढाई फुट गहरे और चौड़े खुले नाले में गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
स्थानीय लोगों ने नालों को न ढकने के लिए अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
यह घटना नोएडा में हाल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है। घने कोहरे के बीच नोएडा के सेक्टर-150 में मेहता की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई थी।
गाजियाबाद की यह घटना बुधवार शाम मसूरी पुलिस थाना क्षेत्र के माजरा झुंडपुरा गांव में हुई।
पुलिस के अनुसार, आहिल अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर खेल रहा था तभी वह गलती से खुले नाले में गिर गया।
उसने बताया कि परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और गर्म पानी से साफ करने के बाद, बेहोशी की हालत में हापुड़ के पिलखुवा कस्बे के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिलखुवा पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने और पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार को सौंप दिया।
बृहस्पतिवार को गांव में मातम के बीच आहिल का अंतिम संस्कार किया गया।
अपर पुलिस उपायुक्त (मसूरी) लिपि नगायच ने बताया कि स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना तुरंत नहीं दी गई थी।
गुस्साए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चे अक्सर उस इलाके में खेलने के लिए जाते हैं, इसके बावजूद नाला न तो ढका गया और न ही उसके चारों ओर दीवारी बनाई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि आठ जनवरी को मोमिन कॉलोनी में एक पांच महीने के बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछली घटना के बावजूद नगर निगम ने कोई सुधार नहीं किया और उन्होंने इस मुद्दे को जिलाधिकारी के समक्ष उठाने की बात कही।
पुलिस ने बताया कि आहिल के पिता जाहिद पेशे से प्लंबर हैं और मूलरूप से ग्रेटर नोएडा के सोहरखा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माजरा झुंडपुरा में रह रहे हैं।
भाषा सं आनन्द मनीषा खारी
खारी


Facebook


