अखिलेश ने अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटने की साजिश रचने का आरोप लगाया
अखिलेश ने अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटने की साजिश रचने का आरोप लगाया
लखनऊ, पांच फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में ‘फॉर्म-7’ का गलत इस्तेमाल कर अल्पसंख्यकों के नाम काटने की साजिश रचने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया और इस मामले में उच्चतम न्यायालय से तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया।
यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी अपराधियों की तरह पेश आ रहे हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के बीएलओ को प्रताड़ित कर, दबाव बनाकर और धमकाकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काटने की साजिश की जा रही है।’’
यादव ने कहा, “माननीय उच्चतम न्यायालय तत्काल संज्ञान ले, क्योंकि और किसी से उम्मीद नहीं बची है।”
उन्होंने खुद को बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) बता रहे और अपने साथ हुई कथित प्रताड़नाओं का जिक्र कर रहे एक व्यक्ति का वीडियो भी साझा किया है।
उन्होंने मांग की, ‘‘एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में ‘फॉर्म-7’ के दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए और हर वोटर के मत देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। बीएलओ से जबरदस्ती कर रहे अपराधियों के विरुध्द प्राथमिकी लिखवाई जाए और त्वरित अदालत में सुनवाई हो।’’
यादव ने कहा, ‘‘जब तक वैध व्यवस्था न बन जाए, ‘फॉर्म-7’ का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए और अब तक जो फॉर्म जमा हुए हैं, उन सबको रद्द किया जाए। दावा-आपत्ति की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता के वोट काटने के षड्यंत्र के पीछे कौन सी देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं, इसकी न्यायिक जांच हो। देश के ईमानदार पत्रकार और अधिकारी सामने आएं और देश विरोधी ताकतों से लड़ने में हमारा साथ दें।’’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पीडीए प्रहरियों से अपील है कि वे हर वैध वोट बनाने-बचाने के कार्य में पूरी मुस्तैदी से लगे रहें। भाजपाइयों की धांधली को उनकी होने वाली हार की हताशा मानें और भाजपाइयों के घपलों के सबूत इकट्ठा करके उनके खिलाफ प्राथमिकी की तैयारी करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सच तो ये है कि जैसे-जैसे पीडीए परिवार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भाजपाई डर रहा है।’’
भाषा जफर खारी
खारी

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