जिहाद की मध्ययुगीन अवधारणाओं पर लगे रोक: आलोक कुमार |

जिहाद की मध्ययुगीन अवधारणाओं पर लगे रोक: आलोक कुमार

जिहाद की मध्ययुगीन अवधारणाओं पर लगे रोक: आलोक कुमार

: , June 30, 2022 / 03:33 PM IST

बरेली (उत्तर प्रदेश), 30 जून (भाषा) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या के मामले पर बृहस्पतिवार को कहा कि ‘जिहाद की मध्य युगीन अवधारणाएं’ धार्मिक उन्माद को बढ़ा रही हैं और इन पर रोक लगनी चाहिये।

उदयपुर की घटना के विरोध में यहां बजरंग दल द्वारा आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा ”जिहाद की मध्ययुगीन अवधारणाएं धार्मिक उन्माद को बढ़ा रही हैं। ये विश्व शांति व मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। इन पर रोक लगनी चाहिये, चाहे इसकी कोई भी कीमत क्यों ना चुकानी पड़े।”

उन्होंने उदयपुर कांड के आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई तथा छह माह में फांसी की सजा की मांग भी की।

कुमार ने कहा ”मुसलमानों का एक वर्ग जिहाद को जिस प्रकार समझता है, वह बेहद खतरनाक है। उसे लगता है कि गैर इस्लामिक लोगों पर हमला, हत्या व उनका माल लूटना उचित है। इसी अवधारणा के कारण विश्व के अनेक भागों में हिंसा व अशान्ति फैली हुई है।”

विहिप नेता ने कहा कि कुछ इस्लामिक संस्थाओं ने उदयपुर की घटना की निंदा तो की मगर जब तक जिहाद के संबंध में मध्ययुगीन अवधारणाएं फैलाई जाती रहेंगी तब तक ना तो विश्व में शांति रहेगी और ना ही सांप्रदायिक सद्भाव। सरकारें तो इनको कानून-व्यवस्था का मामला मान कर निपटेंगी हीं, मगर यह एक वैचारिक युद्ध है जिसे विश्व भर के सम्पूर्ण सभ्य समाज को लड़ना है।

कुमार ने मुस्लिम समाज का भी आह्वान करते हुए कहा कि वह वर्तमान समय के प्रवाह को समझकर अपनी विचारधारा को दुरुस्त करे। उन्हें इस बात की भी सावधानी बरतनी पड़ेगी कि मदरसे तथा अन्य संस्थाएं आतंकवाद की नर्सरी के रूप में इस्तेमाल ना हों।

उन्होंने यह भी कहा कि विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल निर्भयतापूर्वक समाज की सुरक्षा के लिये अग्रिम मोर्चे पर मुस्तैद रहेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की दो मुस्लिम युवकों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी और उन्होंने इस नृशंस हत्या का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर डाला था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है और राजस्थान पुलिस का आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) जांच में मदद कर रहा है।

भाषा सं. सलीम निहारिका पवनेश

पवनेश

 

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