आगामी लोकसभा चुनाव में अपने गढ़ तक नहीं बचा पाएंगी कांग्रेस और सपा : मौर्य |

आगामी लोकसभा चुनाव में अपने गढ़ तक नहीं बचा पाएंगी कांग्रेस और सपा : मौर्य

आगामी लोकसभा चुनाव में अपने गढ़ तक नहीं बचा पाएंगी कांग्रेस और सपा : मौर्य

: , August 17, 2022 / 06:54 PM IST

(अरुणव सिन्हा)

लखनऊ, 17 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को झटका देकर अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने का आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में कोई असर नहीं होगा और भाजपा, कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के गढ़ भी जीत लेगी।

मौर्य ने विपक्षी दलों के गठबंधन के भाजपा के लिए चुनौती पेश करने की संभावनाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी कोशिशें की गई थी, लेकिन वे नाकाम रहीं।

उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बिहार में हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस तथा अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाये जाने को ‘विश्वासघात’ करार देते हुए कहा कि बिहार में राजद और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर नीतीश कुमार ने खुद को मुश्किल में डाल लिया है।

मौर्य ने दावा किया कि बिहार में हुए घटनाक्रम का उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान कोई भी असर नहीं होगा।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने पिछली 10 अगस्त को रिकॉर्ड आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले उन्होंने भाजपा नीत गठबंधन से नाता तोड़कर राजद और कांग्रेस समेत कई दलों के साथ महागठबंधन की सरकार बनाई थी। पिछले आठ साल के दौरान कुमार ने भाजपा के साथ दूसरी बार नाता तोड़ा है।

मौर्य ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा एक दूसरे के साथ जुड़ी है और जब भाजपा के साथ गठबंधन नहीं था तब नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश में जोर लगाते हुए अपने कुछ उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन वे अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।

आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों के गठबंधन से भाजपा को चुनौती मिलने की संभावना के बारे में मौर्य ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सप), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालेाद) और कांग्रेस एक साथ आकर भाजपा के खिलाफ लड़े थे मगर वे कितना सफल हुए यह सबको पता है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह 2022 के प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा, लेकिन उनके बीच अंदरूनी तालमेल था। इसके बावजूद भाजपा की जीत हुई और उसने दोबारा सरकार बनाई।

उपमुख्यमंत्री ने हालांकि यह माना कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा के लिए कुछ चुनौती पेश कर सकती है। मगर उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने गढ़ तक हार जाएंगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मौजूदा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में भी कांग्रेस की पराजय होगी।

मौर्य ने कहा ‘मेरे शब्दों पर ध्यान दीजिएगा चाहे वह कन्नौज हो, आजमगढ़ हो, रामपुर या मैनपुरी हो, सपा आगामी लोकसभा चुनाव में इनमें से एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। मैं लंबे दावे नहीं कर रहा हूं, लेकिन हम यह मानकर चल रहे हैं कि यह विपक्षी पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। चाहे वह गठबंधन प्रत्यक्ष हो या फिर छुपा हुआ हो।’

भाषा सलीम धीरज

धीरज

 

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