प्रेमजाल में फंसाकर रुपये ऐंठने के मामले में तहसीलदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज |

प्रेमजाल में फंसाकर रुपये ऐंठने के मामले में तहसीलदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

प्रेमजाल में फंसाकर रुपये ऐंठने के मामले में तहसीलदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

: , July 1, 2022 / 05:20 PM IST

शाहजहांपुर (उप्र) एक जुलाई (भाषा) शाहजहांपुर जिले में प्रेम जाल में फंसाने और शादी करने का झांसा देकर रुपये ऐंठने के मामले में महिला तहसीलदार (न्यायिक) और उसके परिवार के लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला तहसीलदार फिलहाल प्रयागराज में तैनात है।

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार मामला न्यायालय के आदेश पर बंडा थाना पुलिस ने दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संजीव बाजपेयी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर बंडा पुलिस ने 29 जून को आकांक्षा मिश्रा (तहसीलदार, न्यायिक), सलमान अहमद और आकांक्षा के परिवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (किसी के साथ विश्वासघात और आपराधिक कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

संजीव ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दर्ज कराई गई प्राथमिकी के हवाले से पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना बंडा अंतर्गत बसंतापुर गांव निवासी गुरविंदर सिंह वर्ष 2012 में दिल्ली में कोचिंग करता था और उसी के साथ आकांक्षा मिश्रा भी कोचिंग करती थीं।

उन्होंने बताया कि आकांक्षा से उसके प्रेम संबंध हो गये और आकांक्षा ने शादी का आश्वासन दिया। आरोप के अनुसार इसके बाद आकांक्षा ने उससे काफी धनराशि वसूली तथा धनराशि अपने परिवार को भी दिलवाई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बाद में कुछ धनराशि वापस भी की गई, लेकिन इसी बीच आकांक्षा मिश्रा की नियुक्ति नायब तहसीलदार के पद पर प्रतापगढ़ जिले में हो गई। इसके बाद भी आकांक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए गुरविंदर पैसे खर्च करता रहा।

पुलिस के मुताबिक आकांक्षा के परिवार वाले गुरविंदर को शादी का आश्वासन देते रहे। बाद में आकांक्षा व उसके परिवार की नीयत बदल गई।

इसके बाद आकांक्षा ने अपने एक मित्र सलमान अहमद और परिवार के साथ षड्यंत्र करके गुरविंदर के विरुद्ध थाना (लालगंज) प्रतापगढ़ में मुकदमा दर्ज करा दिया।

गुरविंदर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि आकांक्षा मिश्रा द्वारा केवल रुपयों की खातिर उसके साथ प्रेम का दिखावा किया गया, इससे उसे मानसिक और आर्थिक क्षति हुई।

वहीं, प्रयागराज में तैनात तहसीलदार (न्यायिक) आकांक्षा मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

भाषा सं आनन्द

संतोष

संतोष

 

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