लोक निर्माण विभाग में अनियमितताओं को लेकर पांच अधिकारी निलंबित |

लोक निर्माण विभाग में अनियमितताओं को लेकर पांच अधिकारी निलंबित

लोक निर्माण विभाग में अनियमितताओं को लेकर पांच अधिकारी निलंबित

: , July 20, 2022 / 10:01 PM IST

( मंत्री जितिन प्रसाद के बयान के साथ )

लखनऊ, 20 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के पांच अधिकारियों को विभागीय कर्मचारियों के तबादलों में अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के विशेष कार्य अधिकारी अनिल कुमार पांडे को स्थानांतरण नीति का पालन नहीं करने तथा अनियमितताएं बरतने के आरोप में गत 18 जुलाई को हटाए जाने के बाद की गई है।

मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम बताया है।

सरकार द्वारा बुधवार को यहां जारी एक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर विभाग के मुख्य अभियंता मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता (परियोजना एवं आयोजना) राकेश कुमार सक्सेना और वरिष्ठ अधिकारी शैलेंद्र कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी पंकज दीक्षित और प्रमुख सहायक संजय कुमार चौरसिया को भी निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है।

लोक निर्माण विभाग में जारी ‘स्थानांतरण सत्र’ में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद आदित्यनाथ ने कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 16 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और इसके निष्कर्षों के आधार पर मुख्यमंत्री ने इन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए थे।

इस बीच, मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘विभागीय तबादलों की जांच निश्चित रूप से की जाएगी और अगर कोई अनियमितता पाई गई तो किए गए तबादलों में बदलाव भी किए जाएंगे।’’

इस सवाल पर कि क्या इस मामले को लेकर उनकी सरकार से कोई नाराजगी है, प्रसाद ने कहा ‘नाराजगी का कोई प्रश्न ही नहीं है।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की संभावना के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है।

प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए प्रसाद को योगी आदित्यनाथ सरकार के वित्तीय कार्यकाल में लोक निर्माण मंत्री बनाया गया है।

गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग में पिछले दिनों हुए तबादलों पर सवाल उठाए गए थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विभाग में 150 से अधिक तबादले किये गये हैं। कुछ इंजीनियरों को दो पद दिये गये हैं जबकि कुछ मामलों में एक से अधिक अधिकारियों को एक पद पर तैनात किया गया है।

भाषा जफर सलीम अर्पणा

अर्पणा

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

#HarGharTiranga