हमारा मॉडल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने वाला होना चाहिए: मुख्यमंत्री योगी

हमारा मॉडल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने वाला होना चाहिए: मुख्यमंत्री योगी

हमारा मॉडल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने वाला होना चाहिए:  मुख्यमंत्री योगी
Modified Date: June 9, 2026 / 04:56 pm IST
Published Date: June 9, 2026 4:56 pm IST

लखनऊ, नौ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और ‘रेवड़ी’ (मुफ्त के उपहारों की) संस्कृति को हतोत्साहित करते हुए कहा कि हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाये।

योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रोजेक्ट गंगा (विकास और उन्नति के लिए सरकारी सहायता प्राप्त नेटवर्क) की शुरुआत करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा,‘‘हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए। सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम होनी चाहिए। ‘रेवड़ी संस्कृति’ के तहत सबकुछ बांटने के बजाय, अगर हम इसे आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएं, तो एक टिकाऊ मॉडल होगा। हमें उस टिकाऊ मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए काम करना होगा।’’

उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को न्याय पंचायतों तक ले जाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा देने का मतलब है ग्राम पंचायतों को ‘स्मार्ट विलेज’ के रूप में विकसित करना।’’

उत्तर प्रदेश राज्य ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्रोजेक्ट गंगा को शुरुआत में उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में लागू किया गया है।’’

इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंटरनेट जितना तेज होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि ब्रॉडबैंड आज एक आवश्यकता है। इंटरनेट जितना तेज होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी और दिखाई देगी। लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन दिखाई देंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘2026-27 के बजट में हमने घोषणा की थी कि राज्य सरकार डिजिटल सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से 8,000 डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाएगी। इसमें से 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। मुझे लगता है कि प्रोजेक्ट गंगा वह माध्यम बनेगा।’’

योगी आदित्यनाथ ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्य में डिजिटल उद्यमिता अभियान को नयी गति देने के लिए, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (ग्रोथ एंड एडवांसमेंट के लिए सरकारी सहायता प्राप्त नेटवर्क) की शुरुआत आज लखनऊ में की गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह अभिनव पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘डिजिटल इंडिया’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है, जो ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए एक मजबूत नींव के रूप में कार्य करती है।’’

मुख्यमंत्री ने पोस्ट में उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन,आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और हिंदुजा समूह को भी धन्यवाद दिया और राज्य के लोगों को बधाई दी।

योगी आदित्यनाथ ने 20 मई को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया था कि डिजिटल उद्यमी के रूप में चयनित युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट गंगा का लक्ष्य ग्रामीण प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड संपर्क प्रदान करना और टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

परियोजना के तहत, 10,000 से अधिक युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे अनुमानित 50,000 प्रत्यक्ष और एक लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इस परियोजना का लक्ष्य 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं से जोड़ना है। डीएसपी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों के जोड़े जाने की उम्मीद है।

योजना के तहत महिला उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसमें महिला उद्यमियों की लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य है।

भाषा अरूनव जफर

धीरज

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