दुष्कर्म के मामले में बेहतर जांच और तत्परता से आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस दल पुरस्कृत

दुष्कर्म के मामले में बेहतर जांच और तत्परता से आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस दल पुरस्कृत

Edited By: , November 24, 2021 / 04:53 PM IST

बहराइच (उप्र) 24 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश शासन ने बहराइच जिले में अपनी बेटी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पिता के खिलाफ बेहतर जांच और तत्परता से आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस दल को एक लाख रुपये और गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार ने 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।

बहराइच की पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेहतर जांच और बिना किसी देरी के आरोपपत्र दाखिल करने के लिए शासन द्वारा एक लाख और गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार द्वारा 50 हजार नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है।

जिले की एक अदालत ने नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म के दोषी पिता को मौत की सजा सुनाने के साथ ही 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला मुकदमा शुरू होने के चार महीने के भीतर आया है।

विशेष जिला शासकीय अधिवक्‍ता (पॉक्सो अधिनियम) संत प्रताप सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अदालत-प्रथम) नितिन कुमार पांडेय ने दोषी को मृत्युदंड सुनाया है।

इस घटना की शिकायत पीड़ित बच्ची की मां ने दर्ज कराई थी तथा मुख्य गवाह पीड़िता का सगा भाई था।

सिंह ने अभियोग के आधार पर पीटीआई-भाषा से बताया कि जिले के सुजौली थाना क्षेत्र निवासी नान्हू खां (40) अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ लगातार दो साल से दुष्कर्म कर रहा था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उसने बच्ची का एक व्यक्ति से निकाह करा दिया था लेकिन निकाह के बाद भी उसे वापस अपने घर ले आया।

उन्होंने बताया कि गत अगस्त महीने में एक रात बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां व भाई ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया और तब बच्ची ने रोते हुए अपनी मां को आपबीती सुनाई।

सिंह ने कहा कि बच्ची ने अपनी मां को बताया था कि उसका बाप उसे डरा-धमकाकर दो साल से दुष्कर्म कर रहा है और इसके बाद बच्ची की मां ने 25 अगस्त को सुजौली थाने में अपने पति के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म व पॉक्सो कानून सहित सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। विशेष शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पीड़िता की मां, भाई व दो पड़ोसियों सहित तमाम गवाहों ने दोषी पिता के खिलाफ अदालत में गवाही दी।

पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने इस मामले में त्वरित आरोपपत्र दाखिल करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की थी।

भाषा सं आनन्द मनीषा शोभना

शोभना