गोवंशीय पशुओं को ‘जिंदा दफनाने’ के मामले की जांच के आदेश

गोवंशीय पशुओं को 'जिंदा दफनाने' के मामले की जांच के आदेश

Edited By: , December 8, 2021 / 07:19 PM IST

बांदा, आठ दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र से भाजपा विधायक राजकरण कबीर ने नगर पंचायत की अस्थाई गौशाला से पशुओं को समीपवर्ती मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जिंदा दफनाये जाने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

भाजपा विधायक राजकरन कबीर ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में दावा किया ‘मैंने सोमवार की शाम खुद मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पहाड़ी खेरा के जंगल में सड़क किनारे दफनाये गए करीब 50 गोवंशों को खुदवा कर बाहर निकलवाया था, जिनमें सात गायें घायल अवस्था में जीवित निकली थी। इनमें से एक गाय को मैं अपने निजी वाहन में नरैनी ले आया था। बाकी घायल छह गोवंशीय पशुओं का इलाज वहीं मध्य प्रदेश में चल रहा है।’

उन्होंने आरोप लगाया कि नरैनी नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने गौशाला में रखे गए गोवंशीय पशुओं को जिंदा दफन करवाया है।

विधायक कबीर ने बताया कि उन्होंने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की विस्तृत जांच करने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।

उधर, बुंदेलखंड़ किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में गायों के साथ घोर अत्याचार किया जा रहा है। जिंदा दफनाए गए गोवंश के पशु के मामले में शीघ्र कार्यवाही न की गई तो जगह-जगह आंदोलन किया जाएगा।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने मुख्य विकास अधिकारी को मामले की जांच के आदेश देते हुए दो दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

पटेल ने बुधवार को बताया कि शनिवार की शाम नरैनी नगर पंचायत की मोतियारी गल्ला मंडी स्थित अस्थायी गौशाला से 134 गोवंशीय पशुओं को ले जाकर अन्य चार अस्थायी गौशालाओं में स्थानांतरित किया गया था। सोमवार को एक अखबार में इन जानवरों को मध्यप्रदेश के जंगल में जिंदा दफनाने की खबर छपी थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की गयी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।’

भाषा सं सलीम रंजन

रंजन