राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में न्यास के शीर्ष पदाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय हो: भाजपा एमएलसी
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में न्यास के शीर्ष पदाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय हो: भाजपा एमएलसी
मऊ (उप्र), 28 जून (भाषा) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन मामले पर रविवार को कहा कि इस प्रकरण में केवल गिरफ्तार कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जिले के एक विद्यालय में आयोजित मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि राम मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, ऐसे में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जानकारी के बिना किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में केवल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, जिन लोगों के अधीन पूरा तंत्र कार्य कर रहा था उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा एमएलसी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग केवल निचले स्तर के कर्मचारी हैं, जबकि पूरे प्रकरण की जवाबदेही शीर्ष स्तर तक तय की जानी चाहिए।
सिंह ने इस मामले के बाद इस्तीफा देने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
विधान परिषद सदस्य ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट में भगवान श्रीराम के वंशजों के साथ-साथ राम मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले कारसेवकों और बलिदानियों के परिजनों को भी शामिल किया जाए।
भाजपा एमएलसी ने कहा कि यदि ट्रस्ट में ऐसे लोग होते, जिनकी भगवान श्रीराम और राम मंदिर आंदोलन से गहरी आस्था एवं भावनात्मक निष्ठा रही है, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं।
भाषा सं सलीम खारी
खारी

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