उप्र: गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने के बाद से थीं अवसादग्रस्त

उप्र: गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने के बाद से थीं अवसादग्रस्त

उप्र: गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने के बाद से थीं अवसादग्रस्त
Modified Date: February 7, 2026 / 02:33 pm IST
Published Date: February 7, 2026 2:33 pm IST

गाजियाबाद, सात फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन बहनों के एक साथ आत्महत्या करने से जुड़े मामले की जांच में सामने आया कि वे अवसादग्रस्त थीं क्योंकि उनके पिता चेतन कुमार ने उनके फोन छीन लिए थे। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि लड़कियों के पिता ने कोरियाई संस्कृति के प्रति उनके अत्यधिक आकर्षण को देखकर यह कदम उठाया था।

पुलिस के मुताबिक, फोन छिन लिये जाने से लड़कियां ऑनलाइन गेम खेलने और अपने कोरियाई दोस्तों से बात करने में खुद को असहाय महसूस कर रही थीं।

पुलिस ने बताया कि निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रांस-हिंडन थानाक्षेत्र के अंतर्गत भारत सिटी सोसाइटी स्थित नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात उन्होंने अपनी मां का फोन चैट करने के लिए लिया था, लेकिन उस मोबाइल में कोरियाई ऐप नहीं चल रहा था।

मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन जब्त किया लेकिन उसमें कोरियाई ऐप नहीं चला और चेतन कुमार ने बेटियों से छीने गए फोन को बेच दिया था।

ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निमिष पाटिल ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सुसाइड नोट की लिखावट और संदेशों सहित उंगलियों के निशान फोरेंसिक में भेज दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में चेतन की एक पत्नी की साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट की छत से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

पुलिस ने बाद में इस मामले को आत्महत्या मानकर खारिज कर दिया था। पाटिल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आत्महत्या करने वाली महिला चेतन की पत्नी नहीं बल्कि उनकी सह जीवन (लिव-इन) साथी थी।

उन्होंने बताया कि पूछताछ से पुष्टि हुई कि चेतन कुमार की वर्तमान में तीन पत्नियां हैं, पहली सुजाता, दूसरी हीना और तीसरी टीना तथा तीनों पत्नियां सगी बहनें हैं।

पुलिस के मुताबिक, तीनों नाबालिग बहनें अपनी माताओं की तुलना में अपने पिता से अधिक लगाव रखती थीं और यही कारण है कि उन्होंने अपने सुसाइड नोट में अपने पिता को संबोधित किया और कहीं भी अपनी मां का नाम नहीं लिया।

पाटिल ने बताया कि साइबर अपराध टीमें आईएमईआई नंबरों के माध्यम से मोबाइल फोन खरीदने वाले खरीदारों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं ताकि कोरियाई ऐप का डेटा प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले को आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा है और जांच पिता के कथित ऑनलाइन गेमिंग की लत से संबंधित दावों की पुष्टि करने और पारिवारिक परिस्थितियों सहित सभी संबंधित पहलुओं की जांच करने पर केंद्रित है।

बृहस्पतिवार को बहनों के कमरे से बरामद नौ पन्नों की एक छोटी डायरी सहित प्रारंभिक जांच से कोरियाई संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव और कथित पारिवारिक कलह का संकेत मिलता है।

पाटिल ने बताया कि लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने निशिका के लिए लगभग तीन महीने पहले और प्राची के लिए लगभग 15 दिन पहले एक मोबाइल फोन खरीदा था।

तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम को दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया।

भाषा सं आनन्द नेत्रपाल जितेंद्र

जितेंद्र


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