उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित चीनी मांझे की आपूर्ति और भंडारण के खिलाफ शुरू किया अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित चीनी मांझे की आपूर्ति और भंडारण के खिलाफ शुरू किया अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित चीनी मांझे की आपूर्ति और भंडारण के खिलाफ शुरू किया अभियान
Modified Date: February 6, 2026 / 11:05 pm IST
Published Date: February 6, 2026 11:05 pm IST

लखनऊ, छह फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित चीनी मांझे (पतंग की डोर) के निर्माण, बिक्री और वितरण के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क की गहन जांच करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यहां जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को चीनी मांझे के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि इसकी वजह से होने वाली मौतें कोई ‘साधारण हादसा’ नहीं है, बल्कि ‘हत्या’ जैसी गंभीर वारदात है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इसके उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन और गोदामों की सघन जांच कर पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म करने का आदेश दिया है।

इसके मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में चीनी मांझे की किसी हाल में बिक्री या भंडारण नहीं हो पाए। उन्होंने इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

बयान के मुताबिक सरकार द्वारा हर जिले में एक नोडल अधिकारी को 24 घंटे निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ऑनलाइन मंचों, सोशल मीडिया समूहों और अनौपचारिक माध्यमों से होने वाली मांझे की बिक्री पर भी सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरीके से इसकी आपूर्ति को रोका जा सके।

बयान के मुताबिक सरकार अब इस अभियान को जन-सहयोग से भी जोड़ रही है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चीनी मांझा प्रतिबंधित होने के साथ-साथ जानलेवा भी है।

बयान के मुताबिक बाजारों और पतंग विक्रेताओं को आगाह किया जा रहा है कि चीनी मांझा मिलने पर तत्काल कानूनी के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र में चीनी मांझे से कोई घटना हुई तो केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाएगा।

भाषा जफर धीरज

धीरज


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