गर्मी आते ही याद आने वाली 'शिकंजी' सिर्फ नींबू-पानी नहीं, बल्कि सदियों पुराना एक शाही नुस्खा है। आइए जानते हैं इसकी दिलचस्प कहानी

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फारस से आया है नाम यह शब्द फारसी के 'शिकंजबीन' से आया है। पुराने जमाने में पेट को ठंडक देने के लिए इसे सिरके, शहद और पानी से बनाया जाता था।

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जब यह ड्रिंक मुगलों के रास्ते भारत पहुंची, तो भारतीयों ने इसमें सिरके की जगह नींबू के रस का इस्तेमाल शुरू किया। 

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सिर्फ नींबू-चीनी नहीं! भारत के जैन और बनिया परिवारों ने इसमें भुना जीरा, काला नमक और सोंठ मिलाकर एक मसाला तैयार किया, जो आज हर शिकंजी की जान है।

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तेज धूप में जब शरीर का नमक और पानी सूख जाता है, तब शिकंजी का एक ग्लास ब्लड प्रेशर को तुरंत नॉर्मल करता है।

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घर पर कैसे बनाएं? ग्लास में नींबू का रस, चीनी और पानी घोलें। अब आधा चम्मच शिकंजी मसाला, पुदीना मिलाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें!

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