आजकल कई जगह केले को जल्दी पकाने के लिए केमिकल (कैल्शियम कार्बाइड) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

केमिकल वाले केले सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं

ऐसे में कुछ आसान तरीके से पहचान कर सकते हैं केले नेचुरल है या केमिकल से पके हुए हैं

केमिकल से पकाया गया केला पूरी तरह से चिकना और हल्के पीले रंग का होता है। जबकि प्राकृतिक हल्के भूरे या काले धब्बे वाले होते हैं

केमिकल से पकाए गए केले छूने से सख्त महसूस होते हैं जबकि प्राकृतिक केले मुलायम लगते हैं

एक बाल्टी या बर्तन में पानी डालकर उसमे केला डालें, केमिकल से पका हुआ केला पानी में डूबता नहीं है जबकि प्राकृतिक तैरता रहता है

प्राकृतिक केले में मीठी, ताज़ी और हल्की खुशबू आती है जबकि केमिकल से पकाये केले से केमिकल की खुशबू आती है

केमिकल से पके केले का डंठल हरा रहता है जबकि प्राकृतिक केले का डंठल पीला या हल्का भूरा रहता है