सेहत के दुश्मन! आज ही अपनी रसोई से बाहर फेंकें ये 5 बर्तन, बन रहे हैं बीमारी की वजह

हम खाना तो बहुत हेल्दी और न्यूट्रिशियस बनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत बर्तनों में पकाने से वही खाना सेहत के लिए नुकसानदेह हो जाता है? आइए जानते हैं रसोई के उन 5 बर्तनों के बारे में जो आपकी सेहत बिगाड़ रहे हैं।

नॉन-स्टिक बर्तन नॉन-स्टिक बर्तनों पर टेफ्लॉन (Teflon) की परत होती है। जब इन बर्तनों पर स्क्रैच आ जाते हैं या इन्हें तेज आंच पर गर्म किया जाता है, तो इनसे हानिकारक केमिकल (PFOA) निकलने लगते हैं, जो खाने के जरिए हमारे शरीर में जाकर गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

एल्युमिनियम के बर्तन  एल्युमिनियम के बर्तनों में जब टमाटर, नींबू या कोई भी एसिडिक (खट्टी) चीज पकाई जाती है, तो यह मेटल खाने के साथ रिएक्ट करके उसमें घुल जाता है। लगातार एल्युमिनियम के बर्तनों का खाना खाने से लिवर, किडनी और हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है।

प्लास्टिक के डिब्बे और बोतलें  एल्युमिनियम के बर्तनों में जब टमाटर, नींबू या कोई भी एसिडिक (खट्टी) चीज पकाई जाती है, तो यह मेटल खाने के साथ रिएक्ट करके उसमें घुल जाता है। लगातार एल्युमिनियम के बर्तनों का खाना खाने से लिवर, किडनी और हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है।

घटिया क्वालिटी के प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड  जब हम प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर तेज धार वाले चाकू से सब्जियां काटते हैं, तो बोर्ड पर कट के निशान बनते हैं। इन निशानों के साथ प्लास्टिक के बारीक कण (Microplastics) कटकर हमारी सब्जियों में मिल जाते हैं। इसकी जगह लकड़ी (Wooden) के बोर्ड का इस्तेमाल करें।

तांबे के बर्तनों में खट्टा खाना पकाना तांबे के बर्तन में पानी पीना अमृत है, लेकिन इसमें कभी भी खाना (विशेषकर दही, कढ़ी, टमाटर या खट्टी चीजें) नहीं पकाना चाहिए और न ही रखना चाहिए। तांबा एसिड के साथ मिलकर भोजन को विषाक्त (Toxic) बना देता है, जिससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है।