मुश्किल समय में पैसों की चिंता से बचने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके।

इमरजेंसी फंड वह बचत होती है, जो अचानक आने वाले मेडिकल, नौकरी जाने या अन्य जरूरी खर्चों के लिए रखी जाती है।

अपनी आय के अनुसार हर महीने एक निश्चित रकम बचाने का लक्ष्य बनाएं और उसे नियमित रूप से जमा करें।

मासिक बजट बनाएं और फिजूल खर्चों में कटौती करके बचाई गई राशि इमरजेंसी फंड में जोड़ें।

इमरजेंसी फंड को अलग सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड में रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार हो।

वेतन मिलते ही पहले बचत करें और बोनस या अतिरिक्त आय का कुछ हिस्सा भी इमरजेंसी फंड में जमा करें।

इस फंड का उपयोग केवल वास्तविक आपातकाल में करें। समय-समय पर इसकी समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार राशि बढ़ाते रहें। मजबूत इमरजेंसी फंड आर्थिक तनाव को काफी हद तक कम कर देता है।