अब तक आपने कैमरे के मेगापिक्सल के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या इंसान की आंखों का भी मेगापिक्सल होता है?
क्या आंखों का भी होता है मेगापिक्सल?
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, अगर आंखों की क्षमता को कैमरे से तुलना करें, तो यह करीब 576 मेगापिक्सल के बराबर मानी जाती है।
576 मेगापिक्सल का दावा!
कैमरा पूरी तस्वीर एक साथ रिकॉर्ड करता है, जबकि आंख और दिमाग मिलकर दृश्य को अलग-अलग हिस्सों में प्रोसेस करते हैं।
आंख और कैमरे में बड़ा फर्क
आंख का बीच वाला हिस्सा (फोकस एरिया) सबसे ज्यादा साफ दिखाई देता है। बाकी हिस्सा उतना स्पष्ट नहीं होता।
सबसे साफ क्या दिखता है?
जो दृश्य आंखें देखती हैं, उन्हें समझने और जोड़ने का काम दिमाग करता है। इसलिए हमारी देखने की क्षमता सिर्फ आंखों पर निर्भर नहीं होती।
दिमाग भी निभाता है अहम रोल
उम्र बढ़ने पर क्यों कम होती है नजर?
बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी और फोकस करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
576 मेगापिक्सल कोई आधिकारिक माप नहीं है। यह सिर्फ आंखों की अनुमानित क्षमता को कैमरे से तुलना करके समझाने का एक तरीका है।