गणेशोत्सव का शुभारंभ

आज यानी 14 सितंबर से 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की जा रही है।

गणेश चतुर्थी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी दिन गणेश चतुर्थी मनाई जाती है।

हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।

गणपति स्थापना

गणेश चतुर्थी के पहले दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।

गणेश चालीसा का पाठ

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश चालीसा का पाठ करना शुभ और फलदायी माना जाता है। इससे भक्त भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।

गणेश जी की आरती

पूजा के बाद भगवान गणेश की आरती की जाती है। ‘जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा’ आरती का प्रमुख हिस्सा है।

हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।

गणेश पूजा का मंत्र

पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमो नमः’ और ‘वक्रतुण्ड महाकाय’ जैसे मंत्रों का जाप किया जाता है।

विघ्नहर्ता गणेश

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है।