हरतालिका तीजा कब?
इस साल हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर, सोमवार को रखा जाएगा।
करू भात की परंपरा
तीजा व्रत से एक दिन पहले महिलाएं करेला की सब्जी और भात खाकर व्रत की शुरुआत करती हैं।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
करू भात क्यों?
छत्तीसगढ़ में इसे तीजा व्रत की खास परंपरा माना जाता है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
क्या खाती हैं महिलाएं?
करू भात में मुख्य रूप से करेले की सब्जी, भात और खीरा खाया जाता है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
निर्जला व्रत
करू भात के बाद महिलाएं अगले दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अन्न-जल ग्रहण नहीं करतीं।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
व्रत का उद्देश्य
महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं।
मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसी से हरतालिका तीज की परंपरा जुड़ी है।
हरतालिका तीज की कथा
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