आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी है।

इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करना शुभ माना जाता है।

नाग पंचमी कथा का महत्व

पूजा और व्रत के साथ नाग पंचमी की कथा पढ़ना या सुनना भी धार्मिक रूप से शुभ माना गया है।

राजा जन्मेजय की पौराणिक कथा

राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जन्मेजय ने नागों के नाश के लिए सर्प सत्र यज्ञ शुरू किया था।

आस्तिक मुनि ने बचाया नाग वंश

आस्तिक मुनि ने यज्ञ रुकवाकर नाग वंश की रक्षा की। इसी घटना को नाग पूजा की परंपरा से जोड़ा जाता है।

भाई-बहन से जुड़ी लोककथा

सात बहुओं वाले किसान परिवार की लोककथा में छोटी बहू द्वारा नाग के बच्चों की रक्षा करने का वर्णन मिलता है।

नाग पंचमी पर विशेष धार्मिक मान्यता

मान्यता के अनुसार श्रद्धा से कथा सुनने और पूजा करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है।