कर्मफलदाता और न्याय के देवता माना जाता है, शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इस दिन कर्मो के देवता शनिदेव की पूजा की जाती है।
शनिदेव कर्मों के अनुसार जातकों को फल देते हैं। शनिदेव अच्छे कर्मों का अच्छा फल देते हैं, यदि नाराज हो जाए तो जीवन में कई परेशानी आने लगती है।
ऐसे में शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं। शनिवार के दिन कुछ उपाय करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है और शनि दोष भी ख़त्म होता है तो चलिए जानते है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे जल चढ़ाकर तिल के तेल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
कुंडली में साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है तो शनिवार के दिन शनि रक्षा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए, ऐसा करने से बुरे प्रभाव कम होने लगते हैं।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में पीपल पेड़ पर जल चढ़ाकर सात बार परिक्रमा करें और प्रणाम कर "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
काले कुत्ते को शनि देव का वाहन माना जाता है ऐसे में शनिवार के दिन काले कुत्ते को भोजन कराने या रोटी खिलाने से शनि दोष से मुक्ति मिल सकती है।