शारदीय नवरात्रि 2026 कब से?
11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा शारदीय नवरात्रि का महापर्व।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह
6:19 से 10:12 बजे
तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा। अभिजीत मुहूर्त:
11:44 से 12:31 बजे तक।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
नवरात्रि में मिट्टी का पात्र क्यों?
मिट्टी को पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है। कलश स्थापना में मिट्टी के पात्र का इस्तेमाल प्रकृति और पंचतत्वों से जुड़ाव का प्रतीक है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
जौ बोने की क्या है मान्यता?
नवरात्रि में जौ बोना सदियों पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में जौ को पहली फसल और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
ज्वारे देते हैं शुभ संकेत?
मान्यता के अनुसार, नवरात्रि में ज्वारे का तेजी से बढ़ना सुख-समृद्धि और सफलता का संकेत माना जाता है।
हमारी अवाज महज ध्वनि नहीं, हमारे आत्मा की अभिव्यक्ति है।
पीले या मुरझाए ज्वारे का क्या मतलब?
धार्मिक मान्यताओं में धीमी वृद्धि या पीले ज्वारे को आने वाली चुनौतियों का संकेत माना जाता है।
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ?
जौ को अन्न, समृद्धि और देवी अन्नपूर्णा से जोड़कर देखा जाता है। शुभ कार्यों में भी इसका विशेष महत्व बताया गया है।
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