उड़ीसा राज्य में स्थित पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय का एक प्रसिद्द हिन्दू मंदिर है जो जग के स्वामी भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। यहां श्री हरि दारुमय रूप में विराजमान हैं।

प्रभु के मंदिर के शिखर पर स्थित पवित्र  ध्वज हमेशा हवा की विपरीत दिशा  में लहराता है। ऐसा क्यों होता है यह  एक आश्चर्य बना हुआ है।

पक्षियों का मंदिर के ऊपर से उड़ना तो  दूर हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर तक  मंदिर के ऊपर से नहीं गुजरते।

भगवान जगन्नाथ के मंदिर का ऊपरी हिस्सा  यानि गुंबद की दिन में धरती से समुद्र  की ओर व शाम को समुद्र से धरती की  ओर बहती है।

हवा दिन में धरती से समुद्र की ओर व शाम को समुद्र से धरती की ओर बहती है।

अष्टधातु से निर्मित सुदर्शन चक्र है। यदि किसी  भी स्थान से या किसी भी दिशा से इस चक्र  को आप देखेंगे तो ऐसा लगता है जैसे इसका  मुंह आपकी तरफ हैऔर ये बिल्कुल  सीधा नजर आता है।

UAE करेगा मेजबानी

श्री जगन्नाथ के मंदिर में स्थित रसोई दुनिया  की सबसे बड़ी रसोई मानी जाती है। इसमें  एक साथ 500 के करीब रसोइये और 300  के आस-पास सहयोगी भगवान के प्रसाद  को तैयार करते हैं।