बीएनपी ने चुनावी घोषणापत्र में ‘सामूहिक प्रगति’ के लिए पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर बल दिया
बीएनपी ने चुनावी घोषणापत्र में ‘सामूहिक प्रगति’ के लिए पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर बल दिया
ढाका, छह फरवरी (भाषा) बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से कुछ दिन पहले शुक्रवार को जारी बीएनपी के घोषणापत्र में ‘‘सामूहिक प्रगति’’ के लिए पड़ोसी देशों के साथ संबंध बनाने की बात कही गई है। साथ ही इसमें सीमा पर होने वाली मुठभेड़ों और घुसपैठ को रोकने के उपायों की भी घोषणा की गई है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान द्वारा जारी 51-सूत्री घोषणापत्र में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए वित्त-पोषण बढ़ाने का भी वादा किया गया है।
रहमान ने यहां कहा, ‘‘हम अपने देश के हितों, स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखते हुए दूसरे देशों के साथ संबंध बनाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि बीएनपी ‘‘हमारे पड़ोसियों के साथ समानता, सहयोग और दोस्ती के रिश्ते बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उस रिश्ते की नींव आपसी सम्मान और समझ होगी, जो सामूहिक प्रगति सुनिश्चित करेगी।’’
सरकारी समाचार एजेंसी ‘बांग्लादेश संवाद संस्था’ (बीएसएस) के मुताबिक, घोषणापत्र में कहा गया कि बीएनपी राज्य शासन के मूल दर्शन के रूप में ‘‘बांग्लादेश प्रथम’’ को अपनाएगी।
रहमान (60) को पिछले महीने अपनी मां, बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी प्रमुख चुना गया था।
बीएनपी के घोषणापत्र में कहा गया है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह सभी देशों के साथ समानता, निष्पक्षता और व्यवहारिकता के आधार पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंध बनाने पर जोर देगी, जिसमें आपसी हितों को मान्यता दी जाएगी।
घोषणापत्र में किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन साफ तौर पर भारत के संदर्भ में कहा गया, ‘‘पद्मा (गंगा), तीस्ता और बांग्लादेश की सभी सीमा पार नदियों से पानी में उचित हिस्सा सुनिश्चित किया जाएगा।’’
भारत के परोक्ष संदर्भ में घोषणापत्र में यह भी कहा गया, ‘‘चूंकि बांग्लादेश के लोगों पर कोई भी हमला स्वाभाविक रूप से अस्वीकार्य है, इसलिए सीमा पर हत्याओं और घुसपैठ सहित सभी अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।’’
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

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