कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों को खारिज किया
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों को खारिज किया
टोरंटो, 27 जनवरी (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी जा रही टैरिफ संबंधी धमकियों को अमेरिका-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा से पहले की बातचीत संबंधी रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्नी ने कहा कि इस वर्ष अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) की समीक्षा होने जा रही है और उन्हें एक “मजबूत समीक्षा” की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति एक प्रमुख वार्ताकार हैं और इस तरह की कुछ टिप्पणियों और रुख को उसी व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।”
हाल के सप्ताहांत में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि कनाडा बीजिंग के साथ व्यापार समझौता करता है तो वह कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगा सकते हैं। हालांकि कार्नी ने स्पष्ट किया है कि कनाडा की चीन के साथ किसी व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत करने में कोई रुचि नहीं है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि कार्नी और ट्रंप के बीच सोमवार को बातचीत हुई। बेसेंट ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि कार्नी “दावोस में दिए गए अपने कुछ कथित दुर्भाग्यपूर्ण बयानों से पीछे हटते नजर आए।”
कनाडा-अमेरिका व्यापार मामलों के मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि उन्होंने रविवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से बात की और स्पष्ट किया कि कनाडा चीन के साथ केवल एक “सीमित व्यापार व्यवस्था” पर बातचीत कर रहा है, जो मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था के “कुछ ही क्षेत्रों” तक सीमित है।
लेब्लांक ने इसकी तुलना पिछले वर्ष दक्षिण कोरिया में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुए समझौते से की, जिसमें अमेरिका ने चीन पर कुछ शुल्क घटाए थे और बदले में बीजिंग ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात की अनुमति देने तथा अमेरिकी सोयाबीन की खरीद पर लगी रोक हटाने पर सहमति जताई थी।
लेब्लांक ने यह भी कहा कि आगामी बातचीत अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) की समीक्षा है, न कि ट्रंप के पहले कार्यकाल की तरह किसी पूर्ण पुनः वार्ता की प्रक्रिया। उन्होंने कहा, “यह छह साल पहले जैसी स्थिति नहीं है। यह समीक्षा है, जो समझौते में पहले से शामिल थी। यह पुनः बातचीत नहीं है।”
लेब्लांक ने कहा कि कनाडा इस प्रक्रिया को लेकर तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
एपी मनीषा वैभव
वैभव


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