चीन-नेपाल की टीम ने एवरेस्ट चोटी पर जमी बर्फ के नमूने निकाले
चीन-नेपाल की टीम ने एवरेस्ट चोटी पर जमी बर्फ के नमूने निकाले
बीजिंग, 24 मई (भाषा) चीन और नेपाल के संयुक्त वैज्ञानिक अभियान दल ने अति-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलवायु और पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझने के लिए पहली बार माउंट एवरेस्ट के शिखर पर जमी बर्फ के नमूने प्राप्त करने में सफलता हासिल की है।
संयुक्त अभियान के सदस्यों ने 8,848.86 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत पर जमी बर्फ में ‘ड्रिलिंग’ कर वैज्ञानिक अध्ययन के लिए नमूने प्राप्त किए।
चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक, अभियान दल को बृहस्पतिवार को शिखर से पहली बार बर्फ के केंद्र से नमूना प्राप्त करने में करीब दो घंटे का समया लगा।
अखबार ने कहा कि टीम ने नीचे उतरते समय कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों से भी बर्फ के नमूने एकत्र किए।
‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक, इन नमूनों को कम तापमान पर संरक्षित रखने की स्थिति में प्रयोगशालाओं में ले जाया जाएगा ताकि दुनिया के सबसे ऊंचे क्षेत्र में जलवायु और पर्यावरणीय परिवर्तनों, ‘क्रायोस्फीयर’ (पूरी दुनिया में जमे जल के संदर्भ में इस्तेमाल) के विकास और अत्यधिक ऊंचाई पर वायुमंडलीय रिकॉर्ड पर अध्ययन किया जा सके।
अखबार ने चीनी वैज्ञानिकों के हवाले से कहा कि एकत्रित नमूनों से अनुसंधानकर्ताओं को अति-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलवायु और पर्यावरणीय परिवर्तनों, भारतीय मानसून के प्रभाव की सीमा, अति ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रदूषकों के परिवहन मार्गों और माउंट एवरेस्ट के उत्तरी और दक्षिणी ढलानों के बीच जलवायु प्रतिक्रियाओं में अंतर को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पृथ्वी की सबसे ऊंची पर्वत चोटी का अध्ययन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण इसमें अभूतपूर्व और काफी हद तक अपरिवर्तनीय बदलाव हो रहे हैं।
नेपाल के काठमांडू से संचालित अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (आईसीआईएमओडी) ने मई 2023 में कहा था कि एवरेस्ट के आसपास के 79 ग्लेशियर केवल छह दशकों में 100 मीटर से अधिक पतले हो गए हैं, और 2009 के बाद से पतले होने की दर लगभग दोगुनी हो गई है।
तिब्बती भाषा में माउंट एवरेस्ट को ‘माउंट चोमोलंगमा’ के नाम से जाना जाता है। चीन और नेपाल ने 1961 में अपने सीमा विवाद को सुलझा लिया था, जिसके तहत सीमा रेखा माउंट एवरेस्ट के शिखर से होकर गुजरती है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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