उत्तर कोरिया के बेहद चर्चित दौरे के बाद स्वदेश लौटे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग
उत्तर कोरिया के बेहद चर्चित दौरे के बाद स्वदेश लौटे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग
सियोल, नौ जून (एपी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग उत्तर कोरिया की एक चर्चित यात्रा के बाद मंगलवार को स्वदेश लौट आए।
इस यात्रा में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन चीनी राष्ट्रपति के साथ एक द्विपक्षीय बैठक और सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद थे। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच गठजोड़ को पुन: स्थापित करने के संयुक्त प्रयास को रेखांकित करती है।
शी चिनफिंग सात साल बाद सोमवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने 2019 में उत्तर कोरिया की यात्रा की थी।
चीनी और उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शी ने सोमवार अपराह्न शिखर सम्मेलन के दौरान व्यापार, कृषि, निर्माण और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की चीन की इच्छा व्यक्त की। दूसरी ओर, किम जोंग उन ने कहा कि दोनों देश अपनी दोस्ती को ‘‘सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च प्राथमिकता वाले रणनीतिक कार्य’’ के रूप में बनाए रखेंगे।
शी और किम ने मंगलवार को उत्तर कोरिया-चीन मैत्री मीनार का भी दौरा किया। यह मीनार 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया की ओर से लड़ने वाले चीनी सैनिकों के सम्मान में बनाई गई है।
चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने परस्पर पारंपरिक मित्रता और अमेरिका के खिलाफ प्रतिरोध की भावना को जारी रखने के महत्व पर जोर दिया।
दोनों नेताओं की मुलाकात सितंबर में बीजिंग में हुई थी।
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, शी बाद में बीजिंग लौटने से पहले एक दोपहर के भोज और विदाई समारोह में शामिल हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि शी चिनफिंग का उद्देश्य संभवतः उत्तर कोरिया पर अपने देश के विशेष प्रभाव को फिर से बहाल करना थ। प्योंगयांग की विदेश नीति की प्राथमिकता हाल के वर्षों में रूस की ओर स्थानांतरित हो गई है।
उनका अनुमान है कि इसके बदले में किम को कुछ आर्थिक और राजनीतिक लाभों की आवश्यकता है।
सोमवार के शिखर सम्मेलन के बारे में दोनों देशों की सरकारी मीडिया रिपोर्ट ने दोनों नेताओं की परस्पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता का जमकर प्रचार किया और इसमें ताइवान के मुद्दे पर बीजिंग की ‘एक-चीन’ नीति के प्रति किम के नए समर्थन को भी शामिल किया गया।
हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि क्या दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की, जो इस क्षेत्र में सुरक्षा का एक संवेदनशील मुद्दा है।
साल 2019 की अपनी प्योंगयांग यात्रा के दौरान, शी ने कहा था कि बीजिंग कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्यीकरण (परमाणु हथियारों को हटाने) में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
एपी सुरेश
सुरेश

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