अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में प्रधानमंत्री की बेटी, दामाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाई

अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में प्रधानमंत्री की बेटी, दामाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाई

अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में प्रधानमंत्री की बेटी, दामाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाई
Modified Date: April 23, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: April 23, 2026 9:49 pm IST

(एम जुल्करनैन)

लाहौर, 23 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बेटी और दामाद के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को निलंबित कर दिया है। अदालत के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि लाहौर की जवाबदेही अदालत (एकाउंटेबिलिटी कोर्ट) के न्यायाधीश राणा आरिफ ने बुधवार को ‘पंजाब साफ पानी कंपनी’ से संबंधित भ्रष्टाचार मामले में राबिया इमरान और उनके पति इमरान अली यूसुफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निलंबित कर दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष और न्यायसंगत सुनवाई का अधिकार है।

अदालत ने 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यकाल के दौरान उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किये थे।

राबिया और यूसुफ 2022 में ब्रिटेन चले गये थे और अदालत ने बाद में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की बेटी और दामाद ने अपने वकील के माध्यम से अदालत को बताया कि उनके विदेश में होने के कारण गिरफ्तारी वारंट तामील नहीं किए जा सके, लेकिन उन्होंने अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और वे मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हो गये। उनके खिलाफ जारी ‘रेड वारंट’ के कारण उन्हें हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘न्यायाधीश ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने संबंधी उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया और राबिया और इमरान दोनों को पांच मई, 2026 को पेश होने का निर्देश दिया।’’

राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने कहा कि अगर अदालत उनके वारंट को निलंबित कर देती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

शहबाज का नाम भी इस मामले में आया था, लेकिन सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया था।

भाषा देवेंद्र माधव

माधव


लेखक के बारे में