माया स्थलों पर भारी पारा विषाक्तता एक गहरी ऐतिहासिक विरासत का खुलासा करती है |

माया स्थलों पर भारी पारा विषाक्तता एक गहरी ऐतिहासिक विरासत का खुलासा करती है

माया स्थलों पर भारी पारा विषाक्तता एक गहरी ऐतिहासिक विरासत का खुलासा करती है

: , September 29, 2022 / 11:58 AM IST

(ऑस्ट्रेलियाई कैथोलिक विश्वविद्यालय से डंकन कुक, सिनसिनाटी विश्वविद्यालय से निकोलस डनिंग, टेक्सास विश्वविद्यालय से शेरिल लुज़ाडर, साइमन टर्नर और टिमोथी बीच)

मेलबर्न, 29 सितंबर (द कन्वरसेशन) पारा एक विषाक्त भारी धातु है। जब यह प्राकृतिक वातावरण में घुलकर बह जाता है, तो यह खाद्य श्रृंखलाओं के माध्यम से जमा हो जाता है और अंततः मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा बन जाता है।

पिछली शताब्दी में, मानवीय गतिविधियों ने वायुमंडलीय पारा सांद्रता को प्राकृतिक स्तरों से 300-500 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।

हालांकि, दुनिया के कुछ हिस्सों में, इंसान हजारों सालों से पारा चक्र को संशोधित कर रहे हैं। इस मानवजनित पारे के उपयोग से पारा विश्व स्तर पर उन स्थानों में प्रवेश कर गया, जो अन्यथा नहीं कर पाता, जैसे कि झीलों या दूरस्थ स्थानों की मिट्टी में।

पारे के उपयोग के विशेष रूप से लंबे (लेकिन खराब प्रलेखित) इतिहास वाला एक क्षेत्र मेक्सिको और मध्य अमेरिका है। ओल्मेक जैसे प्रारंभिक मेसोअमेरिकन समाज 2000 ईसा पूर्व में दक्षिणी मेक्सिको में पारे का खनन और उपयोग कर रहे थे।

फ्रंटियर्स इन एनवायर्नमेंटल साइंस में प्रकाशित हमारे शोध में, हम माया युग में पारे का उपयोग करने के तरीकों की, इस रहस्य की कि उन्होंने इसे कैसे सोर्स किया और पिछले पारा उपयोग की पर्यावरणीय विरासत की समीक्षा करते हैं,।

हमारी वर्तमान पारा समस्या की एक गहरी विरासत है। इसकी उत्पत्ति को समझने से हमें इस रहस्य को समझने में मदद मिलेगी कि उन्होंने इसे कैसे सोर्स किया, और पिछले पारा उपयोग की पर्यावरणीय विरासत क्या थी।

पुरातत्वविद एक सदी से भी अधिक समय से मेक्सिको और मध्य अमेरिका में पुरातात्विक स्थलों पर पारा ढूंढ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसका सबसे आम रूप सिनाबार (पारा सल्फाइड, या एचजीएस) है, जो एक चमकदार लाल खनिज है जिसका उपयोग प्राचीन माया सभ्यता के लोग सजावट, शिल्प, और रस्मो रिवाज जैसे दफन और कब्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

तरल (मौलिक) पारा खोजना बहुत कम आम रहा है। मेसोअमेरिकन साइटों पर तरल पारा मिलने की केवल सात घटनाएं हैं जिनके बारे में हम जानते हैं।

लेकिन यह संभव है कि कई और भी रहे हों क्योंकि 1,000 या अधिक साल पहले का तरल पारा हो सकता है कि समय के साथ वाष्पित हो गया या पर्यावरण में बह गया।

माया काल की अधिकांश बस्तियाँ मैक्सिको और होंडुरास और शायद ग्वाटेमाला और बेलीज में स्थित पारा के ज्ञात स्रोतों से बहुत दूर थीं। इसका मतलब है कि पारा का उत्पादन, व्यापार और उपयोग अत्यधिक मूल्यवान और तार्किक रूप से चुनौतीपूर्ण था – विशेष रूप से जहरीले तरल पारा के प्रबंधन के लिए!

पिछले दो दशकों में, माया सभ्यता की पुरातात्विक परियोजनाओं पर काम कर रहे वैज्ञानिकों ने प्राचीन मानव गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए, पारा सहित उनके रासायनिक गुणों के लिए कलाकृतियों, मिट्टी और तलछट का परीक्षण किया है। वे मिट्टी का परीक्षण करते हैं और पूर्व माया क्षेत्रों की खुदाई आज की जमीन की सतह से बहुत नीचे की जाती है, जिससे हमें माया के समय के पारे के स्तर के बारे में पता चलता है।

इन परीक्षणों के संयुक्त डेटा से पता चलता है कि अधिकांश माया साइटों में दबी हुई मिट्टी में कुछ मात्रा में पारा संवर्धन होता है। विशेष रूप से, दस में से सात साइटों में पारा का स्तर पाया गया जो पर्यावरणीय विषाक्तता के लिए आधुनिक बेंचमार्क के बराबर या उससे अधिक है।

हमारा काम माया सभ्यता द्वारा पारे के उपयोग के एक समृद्ध इतिहास को प्रकट करता है और इस विचार को चुनौती देता है कि पूर्व-औद्योगिक समाजों का उनके वातावरण पर उल्लेखनीय प्रभाव नहीं था।

लेकिन बहुत कुछ है जो हम अभी भी नहीं जानते हैं। माया काल के लोगों को पारा कहाँ और कैसे मिला? किसने इसका खनन किया, इसका व्यापार किया, और इसे वर्तमान मध्य अमेरिका में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक पहुँचाया?

फिर सवाल यह है कि क्या माया सभ्यता पारे के प्रभाव से प्रभावित थीं। अगला कदम भू-रसायनविदों और पुरातत्वविदों के लिए प्रमुख स्थलों पर पारे के स्रोत को ट्रैक करना होगा और यदि संभव हो तो, पिछले पारा जोखिम के संकेतों के लिए पुरातात्विक और मानव अवशेषों की जांच करना होगा।

हमें यह भी पता लगाने की आवश्यकता है कि आज पर्यावरण में पारा किस रूप में होता है, इससे हम बेहतर ढंग से समझ सकते हैं कि यह कहां से आया है, और इस तरह के पारे के साथ काम करते समय क्या सावधानियां (यदि कोई हो) लेने की आवश्यकता है।

पारे के शुरुआती उपयोग पर सुराग ढूँढना आज पर्यावरण में विरासत पारा और वर्तमान पारा संदूषण के बीच संबंध को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

द कन्वरसेशन एकता

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)