भारत ने जलवायु वित्तपोषण का दायरा, स्तर और गति बढ़ाने का किया आह्वान |

भारत ने जलवायु वित्तपोषण का दायरा, स्तर और गति बढ़ाने का किया आह्वान

भारत ने जलवायु वित्तपोषण का दायरा, स्तर और गति बढ़ाने का किया आह्वान

: , June 28, 2022 / 10:48 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 28 जून (भाषा) भारत ने मंगलवार को विकसित देशों का आह्वान किया कि वे जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने में मदद के लिए विकासशील देशों के वास्ते जलवायु वित्तपोषण के दायरे, स्तर और गति को बढ़ायें।

लंदन में एक जलवायु वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘मिशन मोड’ पर जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में भारत द्वारा हासिल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

यादव ने सम्मेलन को नयी दिल्ली से डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विकासशील देशों के लिए, अनुकूलन वित्तपोषण महत्वपूर्ण है और विकसित देशों द्वारा 100 अरब अमेरिकी डालर के वित्तपोषण लक्ष्य को पूरा किया जाना चाहिए। इस जलवायु वित्तपोषण को दायरा, पैमाना और गति को संबोधित करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन कोई आपदा नहीं है जो भविष्य में हमारा इंतजार कर रही है, बल्कि यह हमारी वर्तमान वास्तविकता है। भारत मिशन मोड पर अनुकूलन और शमन कार्रवाई को लागू करने के लिए मुख्य रूप से घरेलू संसाधनों पर निर्भर है।’’

मंत्री ब्रिटेन-भारत सप्ताह के हिस्से के रूप में भारत के लिए ‘ग्रीन रिकवरी’ पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस साल के अंत में मिस्र में होने वाले सीओपी27 से पहले अपने हरित लक्ष्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहरायी।

ब्रिटेन के निवेश मंत्री लॉर्ड गेरी ग्रिमस्टोन ने कहा, ‘‘मैं चाहूंगा कि भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में हरित वित्त जुटाएं। हमें विश्वविद्यालयों को इस पर काम करने और अपने पीएचडी छात्रों का आदान-प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।’’

उन्होंने हरित भविष्य में निवेश पर एक सत्र में कहा, ‘‘जब आपके पास नयी प्रौद्योगिकियां हों, तो सरकार से सरकार का समर्थन होना अच्छी बात है। यह विश्वास जगाता है कि दोनों देश इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकारों को ढांचा तैयार करना चाहिए और कंपनियों को इसका फायदा उठाना चाहिए।’’

लंदन में ब्लूमबर्ग में ब्रिटेन-मुख्यालय इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) द्वारा आयोजित आईजीएफ शिखर सम्मेलन ने भारत और ब्रिटेन के नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को एकसाथ लाया ताकि प्रौद्योगिकी, वित्त और स्थिरता पहलों की ओर से भारत और ब्रिटेन के संबंधों के लाभ उठाने में भूमिका पर चर्चा की जा सके।

ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री पिछले साल ग्लासगो में सीओपी26 जलवायु शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलवायु कार्रवाई के मुद्दे पर बहुत प्रतिबद्ध हैं। जलवायु लक्ष्यों पर ब्रिटेन के साथ काम करने के लिए भारत सरकार की ओर से एक वास्तविक प्रतिबद्धता है।’’

भाषा अमित पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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